किसान बोले- दिल्ली जाना हमारा अधिकार, सरकार की अपील- वार्ता से ही निकलेगा हल

 किसान बोले- दिल्ली जाना हमारा अधिकार, सरकार की अपील- वार्ता से ही निकलेगा हल

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

किसानों ने ठुकराया एमएसपी पर सरकार का प्रस्ताव

अन्य राज्यों तक फैलने लगी आंदोलन की आग

कांग्रेस पूरे मामले पर कर रही राजनीति

 

 

नई दिल्ली। सरकार का प्रस्ताव ठुकराने के बाद किसानों का दिल्ली चलो मार्च आज से फिर शुरू होने जा रहा है। अभी हजारों की तादाद में किसान पंजाब तथा हरियाणा की शंभू बॉर्डर पर जमा हैं। इस बार किसान भारी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। किसानों ने कंक्रीट व भारी-भरकम बैरिकेड को तोड़ने और पत्थरों को उठाने के लिए भारी मशीनों को बख्तरबंद जैसा रूप देकर शंभू बार्डर पर लाना शुरू कर दिया है। आशंका है कि इस दौरान भारी बवाल मच सकता है। दिल्ली में भी अलर्ट है। हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट बंद है। किसानों को भड़काने वाले सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए गए हैं।

 

 

शंभू बॉर्डर पर 14,000 से अधिक किसान जुटे हैं। ये 1,200 ट्रैक्टर के साथ ही भारी मशीनें लेकर आए हैं। गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को यह जानकारी देते हुए जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

 

सरकार फिर बोली- बातचीत ही एकमात्र रास्ता

हम अच्छा करना चाहते हैं और ऐसा करने के लिए कई राय दी जा सकती हैं, क्योंकि हम हमेशा अच्छी राय का स्वागत करते हैं, लेकिन यह कैसे होगा, इसका रास्ता ढूंढना होगा। बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। बातचीत से समाधान अवश्य निकलेगा।- अर्जुन मुंडा, केंद्रीय कृषि मंत्री

 

 

ऐसी है किसानों की तैयारी

इस बार किसान बड़ी तैयारी के साथ जुटे हैं।

 

 

गैस मास्क पहनकर पहुंचे किसान

शंभू बॉर्डर पर किसान गैस मास्क पहनकर पहुंचे।

 

 

11 बजे दिल्ली कूच का प्रयास करेंगे किसान, किसानों पर अत्याचार न करें, हमारी मांगों को मान लें।

हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हम बैठकों में शामिल हुए, हर बिंदु पर चर्चा हुई और अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है।

हम शांतिपूर्ण रहेंगे। प्रधानमंत्री को आगे आना चाहिए और हमारी मांगों को स्वीकार करना चाहिए।

1.5-2 लाख करोड़ रुपए कोई बड़ी रकम नहीं है। हमें इन बाधाओं को हटाने और दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

 

सरवन सिंह पंधेर बोले- पीएम मोदी आगे आएं

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने ताजा बयान में कहा कि हमने सरकार से कहा है कि आप हमें मार सकते हैं, लेकिन कृपया किसानों पर अत्याचार न करें। हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वह आगे आएं और किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी कानून की घोषणा करके इस विरोध को समाप्त करें। हरियाणा के गांवों में अर्धसैनिक बल तैनात हैं। हमने क्या अपराध किया है? हमने आपको प्रधानमंत्री बनाया है। हमने कभी नहीं सोचा था कि सेनाएं हम पर इस तरह से अत्याचार करेंगी। कृपया संविधान की रक्षा करें और हमें शांतिपूर्वक दिल्ली की ओर जाने दें। यह हमारा अधिकार है।

 

किसानों की तैयारी देख मंशा पर उठे सवाल

किसानों की तैयारी देख उनके मंसूबों पर सवाल उठने लगे। अब तक शांतिपूर्ण दिल्ली कूच की बात करने वाली किसानों ने आंदोलन को हिंसक रूप की पूरी तैयारी कर ली है।

किसानों ने कंक्रीट व भारी-भरकम बैरिकेड को तोड़ने और पत्थरों को उठाने के लिए भारी मशीनों को बख्तरबंद जैसा रूप देकर शंभू बार्डर पर लाना शुरू कर दिया है।

किसानों ने नियमों के विपरीत भारी मशीनों को मॉडिफाई कर बख्तरबंद जैसा बना दिया है। इन्हें लोहे की छड़ों से कवर कर दिया गया है।

सरकार ने की शांति की अपील, फिर वार्ता को तैयार

एमएसपी समेत किसानों की अन्य मांगों पर सरकार ने प्रस्ताव दिया था, जिसे किसान संगठनों ने ठुकरा दिया।

संगठनों का आरोप है कि सरकार समाधान नहीं चाहती है और धोखा दे रही है।

इसके बाद दिल्ली चलो मार्च शुरू करने का ऐलान किया गया।

वहीं सरकार ने शांति की अपील की है। केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि सरकार फिर वार्ता के लिए तैयार है।