2026 तक होगा नक्सलवाद का सफाया, हथियार छोड़ें माओवादी’, बस्तर में बोले अमित शाह

 2026 तक होगा नक्सलवाद का सफाया, हथियार छोड़ें माओवादी’, बस्तर में बोले अमित शाह

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपने अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है क्योंकि समस्या अब छत्तीसगढ़ के सिर्फ चार जिलों तक सीमित रह गई है. उन्होंने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित लोगों के लिए विशेष पुनर्वास नीति लाएगी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

 

 

 

नई दिल्ली,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा. उन्होंने माओवादियों से हिंसा छोड़ने, हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने की भी अपील की. नक्सली हिंसा के 55 पीड़ितों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, “हम इस देश से नक्सलवाद और नक्सलवाद के विचार को उखाड़ फेंकेंगे और शांति स्थापित करेंगे.’

 

छत्तीसगढ़ बस्तर में नक्सल प्रभावित और पीड़ित लोगों से मिलने के बाद अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बस्तर के 4 जिलों को छोड़कर पूरे देश में नक्सलवाद को खत्म करने में सफल रही है. उन्होंने कहा कि इस देश से नक्सलवाद को अंतिम विदाई देने के लिए 31.03.2026 की तारीख तय की गई है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उससे पहले नक्सलवाद खत्म हो जाएगा.”

 

 

अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों और कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा ताकि वामपंथी उग्रवाद और कश्मीर में आतंकवाद पूरी तरीके से खात्मा हो सके. उन्होंने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित लोगों के लिए खास हैबिलिटेशन पालिसी लाएगी.

 

शाह ने आगे कहा कि सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपने अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है क्योंकि समस्या अब छत्तीसगढ़ के सिर्फ चार जिलों तक सीमित रह गई है.शाह ने कहा कि माओवादियों ने एक बार पशुपतिनाथ (नेपाल) से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) तक एक गलियारा बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन मोदी सरकार ने उसे नष्ट कर दिया.

 

 

 

गृह मंत्रालय जल्द ही राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों के लिए कल्याणकारी योजना तैयार करेगा.शाह ने कहा, “नौकरी, स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में अपने कल्याणकारी उपायों के माध्यम से हम आपकी हरसंभव मदद करेंगे.