जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना-पुलिस में झड़प, 3 लेफ्टिनेंट कर्नल समेत 16 जवानों के खिलाफ मुकदमा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सेना के जवानों ने चार पुलिसकर्मियों की कथित रूप से पिटाई की। अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी। एक रक्षा प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि पुलिस और सेना के जवानों के बीच ‘मामूली मतभेदों’ को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुपवाड़ा जिले के एक पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में तीन अधिकारियों समेत 16 सैन्य जवानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घटना में एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। मंगलवार देर शाम को कथित तौर पर जवानों के पुलिस थाने में घुसने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया। सेना ने पुलिस पर हमला करने से इनकार किया है और इसे मामूली मतभेद की घटना बताया है। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस और सैन्य कर्मियों के बीच विवाद और पुलिसकर्मियों की पिटाई की खबरें गलत और निराधार हैं। एक ऑपरेशनल मामले पर पुलिस कर्मियों और प्रादेशिक सेना इकाई के बीच मामूली मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।

किन पर हुई एफआईआर?
एफआईआर में पुलिस ने लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के तीन अधिकारियों समेत 16 सैनिकों के नाम दर्ज किए हैं। उन पर दंगा करने, हत्या के प्रयास और पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के अपहरण के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को पुलिस ने एक मामले की जांच के तहत कुपवाड़ा के बटपोरा गांव में एक प्रादेशिक सेना के जवान के घर पर छापा मारा। बाद में रात करीब 9:40 बजे सेना के जवानों ने पुलिस स्टेशन पर धावा बोला और उन पर हमला कर दिया।


आर्मी के जवानों पर क्या आरोप?
एफआईआर में कहा गया है कि तीन अधिकारियों के नेतृत्व में 160 प्रादेशिक सेना के बड़ी संख्या में सशस्त्र और वर्दीधारी कर्मियों ने अनधिकृत रूप से पुलिस स्टेशन में प्रवेश किया। एफआईआर में कहा गया है कि जवानों ने बिना किसी उकसावे के पुलिस स्टेशन में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों पर राइफल की बटों, लात-घूंसों और डंडों से गंभीर हमला किया। एफआईआर में लिखा है कि इस सूचना की जानकारी तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई, जो उन्हें बचाने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे।



एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मी घायल
पुलिस इकाइयों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आने को देखते ही लेफ्टिनेंट कर्नल अंकित सूद, राजू चौहान और निखिल के नेतृत्व में 160 प्रादेशिक सेना के कथित कर्मियों और अधिकारियों ने अपने हथियार लहराए और घायल कर्मियों और एसएचओ पीएस कुपवाड़ा इंस्पेक्टर मोहम्मद इशाक के मोबाइल फोन छीन लिए।

सैनिकों पर हेड कांस्टेबल का अपहरण करने का भी आरोप है। एफआईआर में कहा गया है कि भागते समय उन्होंने (सेना के लोगों ने) एमएचसी गुलाम रसूल का अपहरण कर लिया और मौके से फरार हो गए। एसएचओ सहित घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।





