दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का महाप्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हजारों युवा!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
*******************************
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का महाप्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हजारों युवा!
नई दिल्ली, 6 जून 2026: देश की राजधानी का जंतर-मंतर आज एक अनोखे और ऐतिहासिक आंदोलन का गवाह बना। हाल ही में सोशल मीडिया पर मीम्स और डिजिटल सैटायर (व्यंग्य) से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आज पहली बार सड़कों पर उतरी। NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन घोटाले के विरोध में हजारों की संख्या में Gen-Z युवाओं और छात्रों ने दिल्ली में भयंकर गर्मी के बावजूद जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की एकमात्र मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है।सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी बैरिकेडिंग कर रखी थी और 2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। शुरुआत में कुछ असमंजस के बाद दिल्ली पुलिस ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति दे दी थी।
👥 प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस डिजिटल आंदोलन को जमीन पर उतारने के लिए देश-विदेश से कई प्रमुख हस्तियां और हजारों छात्र जंतर-मंतर पहुंचे:अभिजीत दिपके (CJP संस्थापक): बोस्टन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से पढ़ाई कर रहे 30 वर्षीय राजनीतिक रणनीतिकार अभिजीत दिपके आज सुबह ही अमेरिका से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे और सीधे आंदोलन की कमान संभाली। हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय उनके हाथ में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की आत्मकथा थी।सोनम वांगचुक (दिग्गज शिक्षाविद व पर्यावरण कार्यकर्ता): रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक भी छात्रों का समर्थन करने विशेष रूप से जंतर-मंतर पहुंचे और मंच साझा किया।सीजेपी (CJP) की आधिकारिक टीम: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास, प्रवक्ता विजेता दहिया, और प्रवक्ता आशुतोष रांका (IIT कानपुर व LSE के पूर्व छात्र) भी मंच पर डटे रहे।विपक्षी नेता व सामाजिक कार्यकर्ता: इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला। CPI(ML) नेता दिवांकर भट्टाचार्य और NCP (SP) विधायक रोहित पवार भी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।हजारों छात्र और अभिभावक: स्कूल-कॉलेज के छात्र, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पीड़ित अभ्यर्थी अपने माता-पिता के साथ हाथों में किताबें, तिरंगा और कॉकरोच मास्क लेकर पहुंचे।
💬 किसने क्या-क्या कहा? (प्रमुख बयान)
1. अभिजीत दिपके (संस्थापक, CJP)मंच से गरजते हुए अभिजीत दिपके ने सरकार पर तीखा हमला बोला और अपने परिवार के डर का जिक्र करते हुए भावुक होकर कहा:”उन्हें लगता था कि कॉकरोच कभी जमीन पर नहीं आएंगे! इतना मेरी मां उस दिन नहीं रोई थी जब मैं अमेरिका पढ़ाई करने जा रहा था, जितना वह तब रोई जब मैं अपने देश वापस आ रहा था… आज हमारे सिस्टम को हमारी बात सुननी ही होगी। सरकार हमारी मांगों को हल करने के बजाय हमारी सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रख रही है। जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, यह युवाओं की लड़ाई रुकने वाली नहीं है।
“2. सोनम वांगचुक (शिक्षाविद)छात्रों के बीच पहुंचे सोनम वांगचुक ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की वकालत करते हुए कहा:”मेरा इस आंदोलन में आना सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है। पिछले चार दशकों से मैं दूर-दराज के इलाकों में सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधारने की कोशिश कर रहा हूं। जब आज भी व्यवस्था में कोई जवाबदेही और बदलाव नहीं दिखता, तो गहरी निराशा होती है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।” उन्होंने मंच से ऐलान किया कि युवाओं के हक की यह मुलाकात अगले शनिवार को फिर होगी।
3. सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता, CJP)पुलिस प्रशासन को गुलाब के फूल भेंट कर शांति का संदेश देते हुए सौरव दास ने कहा:”एक देश में ऐसा वक्त आता है जब युवा पीढ़ी बेहद गुस्से में होती है। उन्हें बेहतर भविष्य का वादा किया गया था, लेकिन जब उन्होंने हक मांगा तो उनका मज़ाक उड़ाया गया और उन्हें बेकार समझकर किनारे कर दिया गया। अब वह समय आ चुका है कि हम चुप नहीं बैठेंगे, अब हम बोलेंगे और देश का भविष्य खुद लिखेंगे।”
4. आंदोलन में शामिल पीड़ित छात्र (उत्कर्ष राज, NEET अभ्यर्थी)कॉकरोच का मास्क पहने एक 16 वर्षीय छात्र उत्कर्ष ने मीडिया से कहा:”हमें सरकार से जवाबदेही चाहिए। इस देश में हर बार महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर कैसे लीक हो जाते हैं? हम सालों-साल दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन अंत में सब बर्बाद हो जाता है। अगर हम अपनी आवाज उठाते हैं तो हमें कीड़े-मकोड़े (कॉकरोच) कहा जाता है, तो हां, हम कॉकरोच बनकर ही अपना हक छीनेंगे।”
🚨 आंदोलन की बड़ी बातें और मौजूदा स्थिति
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ‘फूल’ नीति: CJP के कार्यकर्ताओं ने अपने पूर्व घोषित फैसले के तहत पुलिसकर्मियों से टकराव के बजाय उन्हें लाल गुलाब के फूल भेंट किए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं।6 लोग हिरासत में: प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर दो अलग-अलग गुटों में टकराव और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एहतियातन 6 लोगों को हिरासत में लिया, जिसके बाद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
8 लाख से अधिक डिजिटल हस्ताक्षर: प्रदर्शन स्थल पर बांटे गए पर्चों में CJP ने दावा किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली उनकी ऑनलाइन याचिका पर 8 लाख से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं।
विपक्ष का मिला साथ: दिल्ली में हो रहे इस प्रदर्शन पर मुंबई से शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी बयान जारी कर सरकार को चेतावनी दी कि जंतर-मंतर पर देश के भविष्य (युवाओं) का यह आक्रोश है, सरकार इन्हें ‘कॉकरोच’ समझकर कम आंकने की गलती न करे, अन्यथा गद्दी छोड़नी पड़ेगी।





