संसद का शीतकालीन सत्र: सुधार एजेंडे पर सरकार, ‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे पर विपक्ष घेरेगा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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,संसद का शीतकालीन सत्र: सुधार एजेंडे पर सरकार, ‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे पर विपक्ष घेरेगा
नई दिल्ली: संसद का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि एक तरफ सरकार अपने महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर देगी, वहीं विपक्ष विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार का विधायी एजेंडा: परमाणु ऊर्जा और शिक्षा सुधार
सरकार इस सत्र में 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जिसका मुख्य फोकस आर्थिक सुधारों पर है। प्रमुख विधेयकों में असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलना, उच्च शिक्षा ढांचे में सुधार और कॉरपोरेट/शेयर बाजार से संबंधित नए विनियम शामिल हैं। सरकार इन सुधारों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
विपक्ष के मुद्दे: ‘वोट चोरी’ और SIR
विपक्ष ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ (कथित चुनाव आयोग की मिलीभगत से धांधली) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक से पहले, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इसे ‘वोट डकैती’ करार दिया और कहा कि जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो, तो यह मुद्दा सर्वोपरि होगा।
इसके अलावा, विपक्ष राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण और 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में SIR (संभवतः विशेष निवेश क्षेत्र या समान प्रकृति का कोई मुद्दा) के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगेगा।
सर्वदलीय बैठक में मंथन
सत्र से एक दिन पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में दोनों सदनों के विधायी कार्यों और उठाए जाने
विषयों पर चर्चा हुई।
सरकार की ओर से: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।
विपक्ष की ओर से: कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और कोडिकुनिल सुरेश, टीएमसी के डेरेक ओब्रायन, सपा के अखिलेश यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा सहित कई अन्य दलों के नेताओं ने भाग लिया।
यह सत्र सरकार के सुधारवादी कदमों और विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच शक्ति परीक्षण का गवाह बनने के लिए तैयार है।







