लो जी, अब ट्रेनों में बिंदास होकर मोबाइल से करिए बातचीत, भूल गए तो RPF ढूंढ़ कर देगा, जानें रेलवे की अनूठी पहल

 लो जी, अब ट्रेनों में बिंदास होकर मोबाइल से करिए बातचीत, भूल गए तो RPF ढूंढ़ कर देगा, जानें रेलवे की अनूठी पहल

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

ट्रेनों में मोबाइल से बातचीत करने के बाद लोग सीट पर रखे देते हैं और उतरते समय याद नहीं रहता है. घर पहुंचकर पता चलता है कि मोबाइल ट्रेन में भूल गए. लेकिन अगली बार जब मोबाइल ट्रेन में भूलेंग तो आरपीएफ ढू…और पढ़ें

 

नई दिल्‍ली. रेल यात्रियों के खोए या गायब मोबाइल फोन को ढूंढ़ निकालने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दूरसंचार विभाग से हाथ मिलाया है. इसके तहत आरपीएफ ने दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के साथ सफल साझेदारी की है. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) में एक पायलट प्रोग्राम की सफलता के बाद यह पहल की गई है. भारतीय रेल द्वारा इस पहल को पूरे भारत में लागू किए जाने के बाद करोड़ों रेल यात्रियों को फायदा मिलेगा.

 

 

अपना गुम मोबाइल फोन प्राप्त करने के लिए यात्री इसकी रिपोर्टिंग रेल मदद या 139 डायल के जरिए कर सकते हैं. यदि यात्री एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते, तो उन्हें सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराने का भी विकल्प मिलेगा. सीईआईआर पंजीकरण का विकल्प चुनने पर आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करेगी और आवश्यक विवरण दर्ज करने के बाद डिवाइस को ब्लॉक करेगी.

 

इस तरह वापस मिलेगा फोन

 

 

अगर नई सिम के साथ खोए हुए फोन का पता चलता है, तो डिवाइस के उपयोगकर्ता को निकटतम आरपीएफ पोस्ट पर लौटाने की सलाह दी जाएगी. इसके बाद मोबाइल का असली उपयोगकर्ता आवश्यक दस्तावेज देकर अपना फोन वापस पा सकता है. रिकवरी के बाद, शिकायतकर्ता सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से फोन को अनब्लॉक करने का अनुरोध कर सकता है, जिसमें जरूरत पड़ने पर आरपीएफ से सहायता मिलेगी.

 

ब्‍लॉक करने से लेकर ट्रैक करने में मददगार

 

सीईआईआर पोर्टल, दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू किया गया है. यह मोबाइल फोन को दोबारा पाने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो खोए या चोरी हुए उपकरणों को ब्लॉक करने, ट्रैक करने और प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसके जरिए आरपीएफ अब खोए/गायब हुए मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर को ब्लॉक करके बेकार कर सकेगा, जिससे इन उपकरणों के अवैध कब्जे और दोबारा बेचने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. यह पहल ट्रैकिंग क्षमताओं के माध्यम से खोए हुए फोन की तेजी से रिकवरी को भी आसान बनाएगी.

 

 

पायलट प्रोजेक्‍ट सफल

 

आरपीएफ ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था ताकि सीईआईआर पोर्टल का सक्रिय उपयोग किया जा सके. इस प्रयोग से कई खोए हुए मोबाइल फोन की सफल रिकवरी हुई और मोबाइल चोरी में शामिल व्यक्तियों को पकड़ा गया. इस पहल को पूरे देश में विस्तारित करने के साथ, आरपीएफ को भरोसा है कि यह रेल यात्रियों के उपकरणों की तेज रिकवरी में मददगार साबित होगा.