रेलवे की बड़ी चूक, स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग में पहुंच गई यात्री ट्रेन, बड़ा हादसा टला
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार ***************************************
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रेलवे की बड़ी चूक से यात्री ट्रेन गेवरा स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग पहुंच गई, जिससे हड़कंप मच गया. लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.
कोरबा।छत्तीसगढ़ के कोरबा में शनिवार को रेलवे की एक बड़ी रेलवे चूक सामने आई. बिलासपुर से यात्रियों को लेकर आ रही मेमू ट्रेन (74203) गेवरा रोड स्टेशन के बजाय एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की न्यू कुसमुंडा कोल साइडिंग में पहुंच गई. यह कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह है, जहां यात्री ट्रेन का पहुंचना असामान्य और खतरनाक था.
यह तो लोको पायलट सतर्क थे और उन्होंने ट्रेन को समय पर रोक लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया. यात्रियों ने ट्रैक बदलने से हल्के झटके महसूस किए, लेकिन कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ. रेल विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है. अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट या विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.
रेल प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है. बताया जा रहा है कि सिग्नल देने में चूक के कारण ऐसा हुआ है, हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. शनिवार की सुबह 10 बजे की मेमू लोकल ट्रेन बिलासपुर से छूटकर सुबह करीब साढ़े 11 बजे कोरबा पहुंचती है और कोरबा से गेवरा के लिए रवाना होती. यही ट्रेन गेवरा से 01:10 बजे छूटकर कोरबा आती है और कोरबा से दोपहर 1:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होती है. शनिवार की सुबह जब यह ट्रेन कोरबा से गेवरारोड रेलवे स्टेशन के लिए निकली, तो गेवरा स्टेशन की बजाय न्यू कुसमुंडा कोल लोडिंग प्वाइंट में घुस गई.
कोरबा और गेवरा स्टेशन के बीच न्यू कुसमुंडा साइडिंग को ही कमका साइडिंग कहा जाता है, जहां कुल 11 रेल लाइन है. यहां साइलो के माध्यम से मालगाड़ियों में कोयला लदान होता है. अचानक रेलवे स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग में ट्रेन के घुस आने से महकमे में हड़कंप मच गया और जानकारी होने पर आला अफसर हरकत में आए. इस घटना के लिए फिलहाल एक स्टेशन मास्टर और केबिन मेन को सस्पेंड करने की खबर है.





