कटनी-बीना रेल मार्ग में पटरी से उतरे मालगाड़ी के 9 बैगन, 30 से ज्यादा यात्री ट्रेनें खड़ीं, रेलसंपर्क प्रभावित

 कटनी-बीना रेल मार्ग में पटरी से उतरे मालगाड़ी के 9 बैगन, 30 से ज्यादा यात्री ट्रेनें खड़ीं, रेलसंपर्क प्रभावित

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

 

 

 

 

 

कटनी, दमोह और सागर जाने वाली यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।

 

ट्रैक सुधारने के लिए जबलपुर और कटनी से भेजा गया दल।

संपर्कक्रांति, दयोदय को इटारसी की ओर से किया गया रवाना।

 

 

जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल के कटनी-बीना रेलखंड के असलाना से पथरिया स्टेशन के बीच हो गया। कटनी से राजस्थान कोयला ले जा रही मालगाड़ी के 9 बैगन पटरी से उतर गए, जिससे कटनी-बीना रेल मार्ग बंद हो गया। इस दौरान लगभग 24 से ज्यादा यात्री ट्रेनों को कटनी, कटनी साउथ, रीठी और दमोह से बीना के बीच रोक दिया गया। कई ट्रेनों को कटनी-जबलपुर होकर निकाला गया तो वहीं कई ट्रेन झांसी और बीना भोपाल से रवाना की गई।

 

 

कटनी-बीना की बजाए इटारसी-भाेपाल होकर निकाला गया

जबलपुर रेलवे कंट्रोल को घटना की जानकारी लगते ही जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली संपर्कक्रांति और अजमेर जाने वाली दयोदय एक्सप्रेस को कटनी-बीना की बजाए इटारसी-भाेपाल होकर निकाला गया। कई यात्रियों को ट्रेन में बैठने के बाद इसकी जानकारी लगी। इस वजह से ट्रेन में कटनी, दमोह और सागर जाने वाली यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।

अप-डाउन दोनों लाइन पर गिरे बैगन

मालगाड़ी से कोयला राजस्थान के कोटा जा रहा था। ट्रेन की रफ्तार भी नियंत्रित थी, लेकिन जैसे ही मालगाड़ी असलाना से पथरिया की ओर बढ़ी, तभी एक के बाद एक कर नौ कोच पटरी से उतर गए और लगभग 500 मीटर तक कोच बिना ट्रैक के दौड़ते रहे, इससे वजह से अप और डाउन, दोनों लाइन बुरी तरह से क्षत्रिग्रस्त हो गईं।

मालगाड़ी गिरने की वजह भी पटरियों की खराब गुणवत्ता

पटरियों की मरम्मत का काम जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के पास है। विभाग ने इस काम में करोड़ों खर्च कर दिए, बावजूद पटरियों की गुणवत्ता नहीं सुधरी। वहीं इन दिनों वर्षा की वजह से पटरियों के दोनों ओर मिट्टी भी जबलपुर-कटनी, कटनी-बीना और कटनी-सतना के बहने के मामले सामने आए। मालगाड़ी गिरने की वजह भी पटरियों की खराब गुणवत्ता बताई जा रही है।

इटारसी के पास हुई थी घटना

कुछ दिन पूर्व इटारसी के पास भी मालगाड़ी पटरी से उतरने की घटना सामने आइ थी, जिसमें भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों से लेकर रेलवे बोर्ड तक हड़कंप मच गया और अब दो दिन के भीतर दूसरी घटना ने पश्चिम मध्य रेलवे के सुरक्षा और संरक्षा, सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार रेल दुर्घटना होने से यात्री ट्रेनों के यात्रियों में भी दहशत का माहौल बन गया है।