महासमुंद के लक्की यादव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन: विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स 2026 में दिखाएंगे दम
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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महासमुंद के लक्की यादव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन: विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स 2026 में दिखाएंगे दम
महासमुंद। खेल की दुनिया में महासमुंद जिले का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने को तैयार है। जिले के होनहार राष्ट्रीय खिलाड़ी लक्की यादव का चयन विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 9 से 13 मार्च 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जहाँ लक्की दुनिया भर के दिग्गजों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
ग्राम तुमाड़बरी के निवासी कुमार यादव के सुपुत्र लक्की यादव, फॉर्चून नेत्रहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कर्मापटपर (बागबाहरा) के छात्र हैं। लक्की की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और सटीक मार्गदर्शन का बड़ा हाथ है। वर्तमान में वे वन विद्यालय स्थित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक पर कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षक प्रशांत निषाद (गाइड रनर) और फॉर्चून फाउंडेशन के संचालक निरंजन साहू का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
उपलब्धियों पर एक नज़र
लक्की यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है:
2022-23 राष्ट्रीय चैंपियनशिप: 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक।
400 व 1500 मीटर दौड़: रजत पदक।
2023 से 2026: राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, जिसके आधार पर उन्हें विश्व ग्रांड प्रिक्स का टिकट मिला।
जिले में हर्ष की लहर
लक्की के चयन को ऐतिहासिक बताते हुए जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन साहू, खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे और जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव डॉ. सुनील कुमार भोई ने इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लक्की को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू और समाज कल्याण विभाग की उप संचालक संगीता सिंह ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि लक्की की यह सफलता अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
“लक्की की मेहनत और कोच के समर्पण ने आज महासमुंद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। हमें पूरा विश्वास है कि वे ग्रांड प्रिक्स में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।” — निरंजन साहू, संचालक, फॉर्चून फाउंडेशन












