दुर्ग जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु ‘ट्रांसमिशन असेसमेंट’ अभियान शुरू; 336 बच्चों की जांच में 7 मिले संक्रमित

 दुर्ग जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु ‘ट्रांसमिशन असेसमेंट’ अभियान शुरू; 336 बच्चों की जांच में 7 मिले संक्रमित

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार +++++++++++++++++++++++

 

 

दुर्ग जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु ‘ट्रांसमिशन असेसमेंट’ अभियान शुरू; 336 बच्चों की जांच में 7 मिले संक्रमित

दुर्ग। जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘ट्रांसमिशन असेसमेंट अभियान 1.0’ (TAS) का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत जिले के चिन्हित स्कूलों में 06 से 07 वर्ष की आयु के बच्चों का रक्त परीक्षण किया जा रहा है।

RBSK टीम संभाल रही है कमान

अभियान की सफलता के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमें सक्रिय हैं। इसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन और अन्य सदस्य शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ (WHO) के डॉ. मनोज सिंह द्वारा टीम के सभी सदस्यों को तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि परीक्षण और डेटा संकलन सटीक रूप से हो सके।

एक दिन में 336 बच्चों का हुआ परीक्षण

अभियान के दौरान 25 फरवरी 2026 को जिले के विभिन्न स्कूलों में कुल 336 बच्चों का रक्त परीक्षण किया गया। इसके लिए आधुनिक ‘एफटीएस-किट’ (FTS Kit) का उपयोग किया जा रहा है। जांच के दौरान 07 बच्चे फाइलेरिया सकारात्मक (पॉजिटिव) पाए गए हैं।

इन बच्चों की हो रही है जांच

अभियान का मुख्य फोकस उन बच्चों पर है जिन्होंने अपना छठवां जन्मदिन मना लिया है और सातवां जन्मदिन अभी नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह अभियान आगामी तिथियों में भी सतत रूप से जारी रहेगा। विभाग ने अपील की है कि फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग के उन्मूलन के लिए नागरिक और स्कूल प्रबंधन इस जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।