रायपुर के बिजली कंपनी के केंद्रीय भंडार में लगी आग में आठ हजार ट्रांसफार्मर हुए नष्ट, 125 करोड़ से अधिक की नुकसान की आशंका

 रायपुर के बिजली कंपनी के केंद्रीय भंडार में लगी आग में आठ हजार ट्रांसफार्मर हुए नष्ट, 125 करोड़ से अधिक की नुकसान की आशंका

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

-जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन- एक सप्ताह में देनी होगी जांच रिपोर्ट-

 

रायपुर: राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित बिजली कंपनी की क्षेत्रीय भंडार गृह में शुक्रवार को लगी भीषण आग में आठ हजार ट्रांसफार्मर देखते ही देखते कंगाल में तब्दील हो गए।इससे कंपनी को सौ करोड़ से अधिक के नुकसान होने की संभावना है। आग पर पूरी तरह से तड़के तीन बजे काबू पाया जा सका। हालांकि जलकर खाक हुए ट्रांसफार्मर से शनिवार दोपहर तक धुआं उठ रहा था। दमकलकर्मी पानी की बौछार से उसे ठंडा करने में जुटे दिखे। इधर, जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट देना होगा।

टीम ने शनिवार को दोपहर क्षेत्रीय भंडार गृह का जाएजा लिया। नाम न छापने की शर्त पर वहां कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि ट्रांसफार्मरों के एक हिस्से में टैंक बना होता है, उसमें आयल भरा रहता है। जैसे ही ट्रांसफार्मर आग की चपेट में आया, उसके आयल से आग और तेज हो जाती थी। इसके बाद वह धमाके के साथ फट जाता था। फटने के कारण उसका आयल आग के साथ आसपास और फैलता गया। जहां-जहां आयल गिरता था, वहां-वहां आग तेजी से फैलती गई।

33 केवी लाइन से निकली चिंगारी ने मचाई तबाही

कर्मचारी के मुताबिक भंडार गृह के किनारे से गया 33 केवी लाइन से गिरी चिंगारी ने तबाही मचाई। सर्च टावर के साथ आसपास रखे ट्रांसफार्मर, पावर आइल में लगी आग हवा के झोंके से बढ़ती गई। हर ट्रांसफार्मर में तेल भरा था जिससे आग तेजी से भड़की। इंसुलेटर आग में जलकर फटता गया।

25 केवी के आठ हजार ट्रांसफार्मर खाक

भंडार गृह में खुले में रखे 25 केवी के आठ हजार ट्रांसफार्मर आग में खाक हुए है। एक की कीमत एक लाख रूपये है। पीछे तरफ करीब 80 ट्रांसफार्मर खाक होने से बच गए। तीन बड़े आइल टैंकरों में दो 24-24 हजार लीटर और एक 20 हजार लीटर का पूरी तरह से खाक हो गया। आग फैलने की वजह चारों तरफ पड़े आयल था, चूंकि रोज यहां आइलिंग का काम होता है।

पांच एमवीए का आठ ट्रांसफार्मर भी खाक हुआ है, जिसका वजन 250 टन और कीमत 80 लाख रुपये है। इसका उपयोग सब स्टेशनों में होता। 33 बाई 11 केवी के लाइन में इस ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल होता है। एक ट्रांसफार्मर को सब स्टेशन में भेजा जाना था, इससे पहले ही वह आग में खाक हो गया। यहां हर रोज 70 से 80 ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग होती है। शनिवार को भी टेस्टिंग होना तय था।

 

फिर भी नहीं लिया सबक

तीन साल पहले एक ही महीने के भीतर भंडार गृह में तीन बार आग लगी थी। एक बार छुट्टी के दिन ही सुबह के समय आग लगा था जिसे तत्काल बुझा लिया गया था। इस बार हवा का झोंका तेज होने और किसी के वहां पर मौजूद न होने के कारण आग फैली। जब तक फायर बिग्रेड पहुंचती आग ने ताडंव मचाना शुरू कर दिया था। फायर अमले को मुख्य गेट पर लगे ताला को तोड़कर भीतर घुसना पड़ा।

 

वहीं दमकल की एक गाड़ी जब पहुंची तब तक बिजली काटी नहीं गई थी, खतरे को भांप कर कर्मचारी भीतर जाने के बजाए भंडार गृह के पीछे से ही पानी की बौछार करते रहे। यहां पर आग बुझाने के नाम पर केवल पांच से दस किलो वाला फायर सिस्टम रखा है। बाकी कोई व्यवस्था नहीं है। छोटी-मोटी आग तो इससे बुझा लेते है लेकिन बड़ी आग बुझाना मामुकिन है। आग में जलने से केवल गोदाम, एक आफिस और वहां रखा बल्व,बिजली तार आदि बच गए।

 

ये अधिकारी करेंगे जांच

भंडार गृह में लगी भीषण आग की जांच करने छह सदस्यीय समिति में कार्यपालक निदेशक भीम सिंह कंवर, संदीप वर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता यशवंत शिलेदार, अतिरिक्त प्रबंधक(वित्त) गोपाल मूर्ति, मुख्य सुरक्षा अधिकारी ए. श्रीनिवास राव और अधीक्षण अभियंता डीडी चौधरी पांच बिंदुओं पर जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच की रिपोर्ट सरकार को देंगे।

 

ये है बिंदु

 

– आग लगने के कारणों के संबंध।

 

– अग्नि दुर्घटना के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी,एजेंसी के संबंध।

 

– दुर्घटना से कंपनी को वित्तिय व भौतिक रूप से हुई क्षति।

 

– भंडार गृह संचालन के वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में सुझाव।

 

– भविष्य में इस प्रकार की और अन्य दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए सुझाव।