रायपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी का भंडाफोड़: शोएब ढेबर हिरासत में, हरियाणा और जांजगीर के युवकों से नेटवर्क चलाकर VIPs को धमकाने की साजिश

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी का भंडाफोड़: शोएब ढेबर हिरासत में, हरियाणा और जांजगीर के युवकों से नेटवर्क चलाकर VIPs को धमकाने की साजिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर लगातार मिल रही धमकी और रंगदारी की कॉल्स के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कांग्रेस नेता अजीत कुकरेजा के पिता आनंद कुकरेजा को धमकी देने के मामले की जांच में शोएब ढेबर की मुख्य भूमिका सामने आई है। तेलीबांधा पुलिस ने शनिवार देर रात एक सामाजिक कार्यक्रम से शोएब को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है।

कौन है शोएब ढेबर?

शोएब ढेबर चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर का बेटा और रायपुर के पूर्व महापौर व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एजाज ढेबर का भतीजा है। हाई-प्रोफाइल राजनीतिक और कारोबारी परिवार से जुड़े होने के कारण इस पुलिस कार्रवाई के बाद रायपुर के राजनीतिक और व्यापारिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

होटल का Wi-Fi, हरियाणा का युवक और शराब की महफिल: ऐसे रची जाती थी साजिश

पुलिस की तकनीकी जांच और जांजगीर से गिरफ्तार युवक की पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है:

जांजगीर के युवक ने खोला राज: कुकरेजा को धमकी देने के मामले में पुलिस ने सबसे पहले जांजगीर-चांपा के एक युवक को पकड़ा। आरोपी ने कुबूल किया कि उसे लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी भरा कॉल करने के लिए ₹5,000 दिए गए थे। इसी पूछताछ में शोएब ढेबर का नाम मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आया।

होटल कर्मचारी का इस्तेमाल: धमकी भरे फोन करने के लिए हरियाणा के एक युवक का इस्तेमाल किया जाता था, जो रायपुर के ही एक होटल में कार्यरत है।

लोकेशन छिपाने की चालाकी: पुलिस को चकमा देने और लोकेशन छिपाने के लिए वीआईपी रोड स्थित होटल के Wi-Fi और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल किया जाता था। बताया जा रहा है कि आरोपी होटल में बैठकर शराब पीते थे और वहीं से धमकी भरे कॉल शेड्यूल करते थे।

7 से अधिक VIPs को मिली धमकी, पुलिस खंगाल रही कनेक्शन

जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक शहर के करीब 7 प्रमुख लोगों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मिलने की बात सामने आई है।

दिलचस्प बात यह भी है कि कुछ ही दिनों पहले ढेबर परिवार (पूर्व महापौर एजाज ढेबर) से भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर ₹50 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी, जिसकी प्राथमिकी कोतवाली थाने में दर्ज है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या 50 करोड़ की धमकी सच में किसी बाहरी गैंग ने दी थी या यह भी इसी अंदरूनी सिंडिकेट का हिस्सा थी।

इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस टीम

सेंट्रल जोन एसीपी और थाना प्रभारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों की टीम शोएब ढेबर से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:

नेटवर्क का मकसद: लॉरेंस बिश्नोई जैसे खूंखार गैंगस्टर का नाम इस्तेमाल कर क्या कोई बड़ा ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट या आर्थिक दबाव बनाने का खेल चल रहा था?

वित्तीय लेन-देन: धमकी देने वाले मोहरों को कितना पैसा दिया गया और यह फंड कहां से आ रहा था?

तकनीकी साक्ष्य: होटल के सीसीटीवी फुटेज, वाई-फाई राउटर लॉग्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल लोकेशंस का मिलान किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ पूरी होने के बाद जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।