भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी कांड: रायपुर पावर एंड स्टील के MD और डायरेक्टर गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी कांड: रायपुर पावर एंड स्टील के MD और डायरेक्टर गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भिलाई/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) लोहा चोरी और कबाड़ खपाने के वृहद घोटाले में दुर्ग पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

अब तक की कार्रवाई और मुख्य बिंदु

ताजा गिरफ्तारियां:

विनोद कुमार गर्ग (60 वर्ष): निवासी वालफोर्ट सिटी, भाठागांव (रायपुर) – मैनेजिंग डायरेक्टर, रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड।

संदीप कुमार सिंह (39 वर्ष): निवासी स्मृति नगर (दुर्ग) – डायरेक्टर, रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड।

अदालती कार्रवाई: दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पूर्व में हुई गिरफ्तारियां: इससे पहले दुर्ग पुलिस ने BSP के GM और AGM स्तर के अधिकारियों समेत 19 अन्य आरोपियों को दबोचा था।

फैक्ट्री में खपता था BSP से चुराया गया लोहा

तकनीकी साक्ष्यों और पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चुराया गया लाखों रुपये का लोहे का स्क्रैप रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की फैक्ट्री में खपाया जाता था।

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि BSP परिसर से कबाड़ इस फैक्ट्री तक किस रास्ते और माध्यम से पहुंचता था तथा इस अवैध खरीद-फरोख्त नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य सफेदपोश और ठेकेदार शामिल हैं।

फ्लाई ऐश की आड़ और अंदरूनी मिलीभगत का खेल

जांच में सामने आया है कि शातिर गिरोह फ्लाई ऐश/फ्लू डस्ट के नीचे लोहे के भारी-भरकम प्लेट, बीम और कटिंग मटेरियल को छिपाकर प्लांट से बाहर निकालता था।

बड़ा सवाल: सीआईएसएफ (CISF) की कड़ी सुरक्षा और सैकड़ों CCTV कैमरों की निगरानी के बावजूद इतना बड़ा माल बाहर कैसे निकल रहा था? पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतना संगठित चोरी का खेल संभव नहीं था।

26 मई को हुआ था सनसनीखेज पर्दाफाश

छापेमारी: 26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ‘एके ट्रेडर्स’ और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 पर दबिश दी थी।

जब्त सामान: मौके से 250 टन लौह स्क्रैप, कई हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें बरामद की गई थीं।

कुल जब्ती की कीमत: जब्त स्क्रैप और वाहनों की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई थी (जिसमें करीब 90 लाख रुपये का लोहा शामिल था)।

दुर्ग पुलिस की जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों के सामने आने तथा गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।