रक्षाबंधन पर दुर्ग पुलिस का सराहनीय कार्य: खारून नदी में कूदने पहुंची महिला को ‘भाई’ बनकर बचाया

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रक्षाबंधन पर दुर्ग पुलिस का सराहनीय कार्य: खारून नदी में कूदने पहुंची महिला को ‘भाई’ बनकर बचाया

दुर्ग। रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर दुर्ग यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने इंसानियत और तत्परता की एक मिसाल पेश की है। पुलिसकर्मियों ने अपनी संवेदनशीलता से आत्मघाती कदम उठाने खारून नदी पहुंची 45 वर्षीय महिला की जान बचा ली। खाकी वर्दी में भाइयों की तरह आत्मीयता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने न केवल महिला को समझाया, बल्कि उसे सुरक्षित उसके पति के सुपुर्द भी किया।

सूचना मिलते ही हरकत में आई टीम

पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर प्रमुख मार्गों और हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार 28 अगस्त को हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली कि रायपुर के कबीर नगर निवासी एक 45 वर्षीय महिला किसी घरेलू या मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या के इरादे से खारून नदी के पास पहुंची है।

तीन जवानों ने ‘भाई’ बनकर बदला महिला का इरादा

सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक शिशुपाल बिना कोई समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ पॉइंट ड्यूटी पर तैनात जवान कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन भी तुरंत वहां पहुंच गए। तीनों पुलिसकर्मियों ने सिर्फ कानून-व्यवस्था का पालन न करते हुए एक जिम्मेदार भाई की भूमिका निभाई। उन्होंने बेहद धैर्य और आत्मीयता के साथ महिला से बातचीत शुरू की, उसकी परेशानी सुनी और उसे जीवन का महत्व समझाया।

रक्षाबंधन के दिन जवानों के इस संवेदनशील और भावनात्मक व्यवहार का असर हुआ और महिला ने आत्मघाती कदम उठाने का इरादा छोड़ दिया।

पति के सुपुर्द की गई महिला, हर तरफ हो रही तारीफ

महिला को सुरक्षित स्थान पर लाने के बाद पुलिस टीम ने उसके पति को फोन कर घटना की जानकारी दी और मौके पर बुलाया। आवश्यक समझाइश और काउंसलिंग के बाद महिला को सुरक्षित उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया।

त्योहार के दिन दुर्ग पुलिस के इस त्वरित एक्शन, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की आम जनता और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।