बस्तर में इंद्रावती का तांडव: 35 गांवों का संपर्क टूटा, महादेव घाट पुल बंद, 4 हजार एकड़ फसल पानी में डूबी
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बस्तर में इंद्रावती का तांडव: 35 गांवों का संपर्क टूटा, महादेव घाट पुल बंद, 4 हजार एकड़ फसल पानी में डूबी
जगदलपुर। बस्तर में शनिवार को मानसून ब्रेक टूटने के बाद से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आफत खड़ी कर दी है। जगदलपुर के महादेव घाट में इंद्रावती नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियातन महादेव घाट पुल से आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।

तबाही का आलम यह है कि जगदलपुर शहर और मुख्य मार्गों से करीब 35 गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। वहीं, निचले इलाकों में पानी घुसने से लगभग 4 हजार एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

बाढ़ के मुख्य कारण और मौजूदा स्थिति:
ओडिशा से भारी आवक: बस्तर में स्थानीय बारिश के साथ-साथ ओडिशा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (विशेषकर नबरंगपुर और कालाहांडी) में हुई भारी बारिश का पानी इंद्रावती और उसकी सहायक नदियों के जरिए तेजी से पहुंच रहा है।
शहरी इलाके प्रभावित: आमागुड़ा और गणपति रिजॉर्ट क्षेत्र के कई मकान पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।
हाई अलर्ट पर बचाव टीम: एसडीआरएफ जिला अधिकारी संतोष मारवल के अनुसार, आपदा प्रबंधन टीम में जिला बचाव दल के 20 और एसडीआरएफ के 30 जवान तैनात हैं।
जिला प्रशासन ने बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को चौबीसों घंटे ‘अलर्ट मोड’ पर रखा है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम जारी है।





