महासमुंद में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार: बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़कर 8 शातिर नाबालिग फरार, मचा हड़कंप

 महासमुंद में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार: बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़कर 8 शातिर नाबालिग फरार, मचा हड़कंप

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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महासमुंद में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार: बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़कर 8 शातिर नाबालिग फरार, मचा हड़कंप

 

 

 

 

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ बरोंड़ा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (सुधार गृह) से सोमवार तड़के सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए 8 नाबालिग अपचारी बालक खिड़की की लोहे की ग्रील तोड़कर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद से ही सुधार गृह की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

तड़के 2 से 3 बजे के बीच दिया वारदात को अंजाम

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार तड़के करीब 2:00 से 3:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। जब पूरा परिसर गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी बैरक में बंद इन नाबालिगों ने सोची-समझी साजिश के तहत खिड़की की ग्रील को कटर या भारी वस्तु से कतरकर उखाड़ दिया। इसके बाद सभी एक-एक कर खामोशी से परिसर की बाउंड्री फांदकर नौ दो ग्यारह हो गए।

दुष्कर्म, चोरी और NDPS एक्ट के गंभीर मामलों में थे निरुद्ध

फरार हुए सभी 8 नाबालिग कोई मामूली अपराधी नहीं हैं। प्रशासन के मुताबिक, ये सभी पिछले 4 से 5 महीनों से विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने के बाद यहाँ कस्टडी में भेजे गए थे। फरार होने वालों में:एक नाबालिग दुष्कर्म (रेप) के मामले में निरुद्ध था।दो नाबालिग चोरी के बड़े मामलों में बंद थे।अन्य नाबालिगों पर एनडीपीएस (NDPS Act – नशीले पदार्थों की तस्करी) सहित कई अन्य संगीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।ये सभी अपचारी बालक महासमुंद, सरायपाली, धमतरी (छत्तीसगढ़) और पड़ोसी राज्य ओडिशा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं।

महकमे में मची खलबली, बड़े अफसर मौके पर पहुंचे

जैसे ही सुबह सुरक्षाकर्मियों को खिड़की टूटी मिली और बच्चे गायब दिखे, विभाग में अफरा-तफरी मच गई। घटना की तत्काल सूचना आला अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम तुरंत बरोंड़ा बाजार स्थित संप्रेक्षण गृह पहुंची। अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।

दो साल पहले भी हुई थी ऐसी ही वारदात,नहीं लिया सबक

स्थानीय लोगों और रिकॉर्ड के मुताबिक, इस संप्रेक्षण गृह से बच्चों के भागने की यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक दो वर्ष पहले भी इसी सुधार गृह की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगी थी और बच्चे यहाँ से भागने में कामयाब रहे थे। उस वक्त भी सुरक्षा पुख्ता करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन इस ताजी घटना ने यह साफ कर दिया है कि पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं लिया गया।

पुलिस ने शुरू किया ‘महा-सर्च’ अभियान

वर्तमान में महासमुंद पुलिस ने फरार हुए सभी आठों नाबालिगों की धरपकड़ के लिए चौतरफा नाकेबंदी कर दी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और जिले से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संबंधित थानों और ओडिशा पुलिस को भी अलर्ट भेजकर हुलिया साझा किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी को दोबारा कस्टडी में ले लिया जाएगा, लेकिन इस लापरवाही ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।