बालोद जिले के डौंडीलोहारा ITI में बड़ा हादसा: प्रशिक्षण के नाम पर छात्रों से कराई जा रही थी मजदूरी, मशीन में उंगलियां कटने पर फूटा आक्रोश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
******************************
डौंडीलोहारा ITI में बड़ा हादसा: प्रशिक्षण के नाम पर छात्रों से कराई जा रही थी मजदूरी, मशीन में उंगलियां कटने पर फूटा आक्रोश
डौंडीलोहारा (बालोद): बालोद जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) डौंडीलोहारा में एक प्रशिक्षणार्थी के साथ हुए गंभीर हादसे ने संस्थान के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशिक्षण के नाम पर छात्रों से कथित तौर पर मजदूरी कराने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के विरोध में शुक्रवार को छात्रों ने बालोद-डौंडीलोहारा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

मशीन की चपेट में आने से छात्र ने गंवाई उंगलियां
जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल को फिटर ट्रेड के छात्र टोकेश्वर धनगुन से संस्थान परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मिक्सर मशीन से काम कराया जा रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से छात्र का हाथ मशीन की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में छात्र के एक हाथ की दो और दूसरे हाथ की तीन उंगलियां कट गईं। घायल छात्र को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
सड़क पर उतरे छात्र, 40 डिग्री तापमान में किया प्रदर्शन
हादसे से आक्रोशित छात्र शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में आईटीआई के सामने मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए और सड़क जाम कर दी। चिलचिलाती धूप और करीब 40 डिग्री तापमान के बीच छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों का आरोप है कि उन्हें तकनीकी शिक्षा देने के बजाय बाथरूम निर्माण, प्लास्टर और ईंट ढोने जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है, जो उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है।
प्रशासन के आश्वासन पर खुला जाम
चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम शिवनाथ बघेल और पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रशासन ने छात्रों की मांगों को सुना और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन, प्रबंधन पर शोषण का आरोप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का आरोप है कि प्राचार्य राजेश कुर्रे के नेतृत्व में छात्रों का शोषण किया जा रहा है और अनुशासन के नाम पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। छात्रों का कहना है कि संस्थान में उनसे जोखिम भरे काम कराए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, प्राचार्य ने सफाई देते हुए कहा कि निर्माण कार्य के लिए मजदूरों की तलाश की जा रही थी और उसी दौरान यह दुखद हादसा हुआ। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर तकनीकी शिक्षा संस्थान में छात्रों से निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा था।





