अनुभव की शक्ति से सजेगी सुरक्षा: SSP विजय अग्रवाल की नई पहल, अब रिटायर्ड पुलिसकर्मी बनेंगे दुर्ग पुलिस की ‘तीसरी आँख’

 अनुभव की शक्ति से सजेगी सुरक्षा: SSP विजय अग्रवाल की नई पहल, अब रिटायर्ड पुलिसकर्मी बनेंगे दुर्ग पुलिस की ‘तीसरी आँख’

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

****************************

 

अनुभव की शक्ति से सजेगी सुरक्षा: SSP विजय अग्रवाल की नई पहल, अब रिटायर्ड पुलिसकर्मी बनेंगे दुर्ग पुलिस की ‘तीसरी आँख’

दुर्ग।दुर्ग पुलिस अब अनुभव और आधुनिक पुलिसिंग के संगम से अपराधों पर लगाम लगाने की तैयारी में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल के नेतृत्व में एक अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत विभाग के सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्षों के मैदानी अनुभव को समाज की सुरक्षा से फिर से जोड़ा जा रहा है।

बीट पुलिसिंग होगी और भी मजबूत

इस योजना के तहत, अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे अनुभवी पूर्व पुलिस अधिकारी अब सक्रिय रूप से पुलिस की मदद करेंगे। वे न केवल अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देंगे, बल्कि बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने में भी अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उनके पास मौजूद अपराधियों की पहचान करने की कला और क्षेत्रीय समझ से पुलिस का सूचना तंत्र (Intelligence) पहले से ज्यादा मजबूत होगा।

आम जनता को क्या होगा लाभ?

दुर्ग पुलिस की इस पहल का सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा:

त्वरित रिस्पॉन्स: सूचना तंत्र मजबूत होने से पुलिस सहायता और भी तेजी से पहुँचेगी।

बेहतर व्यवहार: अनुभवी अधिकारियों के जुड़ने से पुलिस और जनता के बीच संवाद और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आएगा।

अपराधों पर लगाम: संदिग्धों की समय पर पहचान होने से अपराध होने से पहले ही उस पर कार्रवाई की जा सकेगी।

SSP की अपील: सतर्क रहें नागरिक

SSP विजय अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे भी जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आपका एक छोटा सा संदेश या कॉल किसी बड़ी वारदात को रोकने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।