दुर्ग: स्कूल बना तांत्रिकों का अड्डा, तोड़फोड़ के बाद फर्नीचर फूंका; बच्चों और शिक्षकों में दहशत

 दुर्ग: स्कूल बना तांत्रिकों का अड्डा, तोड़फोड़ के बाद फर्नीचर फूंका; बच्चों और शिक्षकों में दहशत

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग: स्कूल बना तांत्रिकों का अड्डा, तोड़फोड़ के बाद फर्नीचर फूंका; बच्चों और शिक्षकों में दहशत

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से शिक्षा के मंदिर को अपवित्र करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

 

केलाबाड़ी स्थित प्राथमिक और मिडिल स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों ने न केवल तंत्र-मंत्र की गतिविधियों को अंजाम दिया, बल्कि स्कूल की संपत्ति को आग के हवाले कर भारी तोड़फोड़ भी की है। इस घटना के बाद से मासूम बच्चों और शिक्षकों के बीच भारी दहशत का माहौल है।

क्लासरूम में तंत्र-मंत्र और बलि का खौफ

जानकारी के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से स्कूल में अजीबोगरीब हरकतें हो रही हैं। क्लासरूम के बाहर और भीतर चुनरी, माला और गोबर-मिट्टी से तंत्र-मंत्र के निशान मिले हैं। इससे पहले बोरसी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में भी प्रिंसिपल ऑफिस के सामने कोयल की बलि दी गई थी, जिससे इलाके में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का खौफ बढ़ गया है।

आगजनी और तोड़फोड़ से भारी नुकसान

असामाजिक तत्वों ने स्कूल की बाउंड्री वॉल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और क्लासरूम के ताले तोड़ दिए। उपद्रवियों ने न केवल टेबल-कुर्सियों को जलाया, बल्कि स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा क्लासरूम के पंखे, लाइट, बिजली बोर्ड और बोरवेल के केबल को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

पुलिस ने दर्ज की FIR

लगातार हो रही इन घटनाओं से नाराज और डरे हुए शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस से कई बार शिकायत की थी। अब पद्मनाभपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस असुरक्षित माहौल के कारण पहली से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।