बस्तर में विकास की नई सुबह: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘बस्तर पंडुम’ का किया आगाज़, कहा—”हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें युवा”
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बस्तर में विकास की नई सुबह: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘बस्तर पंडुम’ का किया आगाज़, कहा—”हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें युवा”
जगदलपुर, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं। माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनका भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ (विभागीय स्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव) का औपचारिक शुभारंभ किया।
संबोधन की मुख्य बातें (क्या कहा?):
बस्तर की संस्कृति का सम्मान: राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर के लोग जीवन को एक उत्सव (पंडुम) की तरह जीते हैं। उन्होंने यहाँ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोक कला और शिल्पकला की प्रशंसा की।
शांति और विकास का संदेश: राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की निर्णायक कार्रवाई से बस्तर में भय और अविश्वास का माहौल समाप्त हुआ है और अब यहाँ विकास की नई सुबह हो रही है।
हिंसा त्यागने की अपील: उन्होंने उन लोगों से जो हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे हैं, अपील की कि वे भारत के संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा रखें और किसी के बहकावे में न आएं।
लोकतंत्र की शक्ति: अपनी जीवन यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गाँव की बेटी का आज राष्ट्रपति के रूप में यहाँ होना भारतीय लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है।
कार्यक्रम की गतिविधियाँ (क्या किया?):
महोत्सव का उद्घाटन: उन्होंने दीप प्रज्वलित कर ‘बस्तर पंडुम’ उत्सव का शुभारंभ किया, जिसमें 84 टीमों के 700 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
संस्कृति का अवलोकन: राष्ट्रपति ने जनजातीय नृत्य, पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
योजनाओं पर जोर: उन्होंने ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना, PM-JANMAN और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गांवों तक बिजली, सड़क और पानी पहुँचाने की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति को बस्तर की पारंपरिक कलाकृति स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की। यह दौरा बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाई देने वाला माना जा रहा है।





