गरियाबंद में सांप्रदायिक तनाव: शिवलिंग खंडित करने के पुराने विवाद में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी और पथराव
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
***************************
गरियाबंद में सांप्रदायिक तनाव: शिवलिंग खंडित करने के पुराने विवाद में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी और पथराव
गरियाबंद (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैंया गांव में रविवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब शिवलिंग खंडित करने के एक साल पुराने विवाद को लेकर दो समुदाय आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में उपद्रवियों ने घरों में आगजनी की और पुलिस टीम पर भी पथराव किया, जिसमें एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला पिछले साल मंदिर में शिवलिंग तोड़े जाने की घटना से जुड़ा है। उस समय पुलिस ने मुख्य आरोपी आरिफ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में आरिफ जेल से जमानत पर बाहर आया था। आरोप है कि रविवार दोपहर करीब 2-3 बजे आरिफ अपने साथियों के साथ उन युवकों को धमकाने पहुंचा, जिन्होंने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और जो मामले में गवाह थे।
रॉड और पत्थरों से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरिफ और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता पक्ष के युवकों पर रॉड और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल युवकों ने जब गांव में इस घटना की जानकारी दी, तो आक्रोशित ग्रामीण आरोपियों के मोहल्ले में पहुंच गए।
बलवा और आगजनी
शाम होते-होते विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने शांति से बात करने के बजाय विवाद को और हवा दी, जिसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते भीड़ ने घरों में आग लगा दी। स्थिति को संभालने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने हमला किया। पत्थरबाजी में एक पुलिस जवान बेहोश हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासनिक मुस्तैदी
हालात की गंभीरता को देखते हुए देर रात आईजी (Inspector General) खुद घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना में घायल हुए लोगों को रायपुर के डॉ. आंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के साथ-साथ उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।












