विश्व पटल पर चमकने को तैयार सिरपुर: 1 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का भव्य मंच
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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विश्व पटल पर चमकने को तैयार सिरपुर: 1 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का भव्य मंच
महासमुंद/रायपुर: छत्तीसगढ़ की पावन धरा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसी कड़ी में, महानदी के तट पर स्थित दक्षिण कोसल की प्राचीन राजधानी सिरपुर एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक चेतना और कलात्मक छटा बिखेरने के लिए तैयार है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का आयोजन बेहद भव्य रूप में किया जा रहा है।
पुण्य स्नान और गंधेश्वर महादेव की भक्ति से होगा आगाज़
महोत्सव का शुभारंभ माघ पूर्णिमा की पावन भोर में होगा। इस अवसर पर हजारों ग्रामीण और श्रद्धालु महानदी के शीतल जल में पुण्य स्नान करेंगे। इसके पश्चात, भगवान गंधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन-पूजन के साथ तीन दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत होगी। महोत्सव के दौरान प्रत्येक शाम महानदी के तट पर होने वाली भव्य ‘सांध्य आरती’ बनारस के घाटों की याद दिलाएगी, जो आगंतुकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी।
सांस्कृतिक महाकुंभ: देश-विदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
सिरपुर महोत्सव अब केवल एक स्थानीय मेला नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बन चुका है। इस वर्ष भी देश-विदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे:
शास्त्रीय नृत्य: ओडिसी, कथक और भरतनाट्यम की गूँज।
लोक संगीत: छत्तीसगढ़ की माटी की सुधंध बिखेरते पारंपरिक लोकगीत।
नाट्य प्रस्तुतियां: इतिहास और पौराणिक कथाओं को जीवंत करते नाटक।
पर्यटकों के लिए सुगम व्यवस्था: प्रशासन की मुस्तैदी
जिला प्रशासन द्वारा पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। महासमुंद जिला प्रशासन द्वारा परिवहन के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं:
नियमित बस सेवा: रायपुर से कुहरी मोड़ और जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों से सिरपुर तक निरंतर बसों का संचालन होगा।
बुनियादी सुविधाएं: पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
विजन 2047: सिरपुर बनेगा अंतर्राष्ट्रीय हेरिटेज हब
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए संकल्पित है। ‘विजन 2047’ के तहत शासन निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है:
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक कॉरिडोर: वैश्विक मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचे का विकास।
संरक्षण: पुरातात्विक संरचनाओं को सहेजने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग।
आधुनिक कनेक्टिविटी: बेहतर सड़कें और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं।
सिरपुर का यह महोत्सव न केवल भक्ति और कला का संगम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प का जीवंत प्रमाण भी है।












