सिरपुर महोत्सव 2026: सुरों और परंपराओं का महासंगम, 1 से 3 फरवरी तक बिखरेगी कला की छटा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
****************************
सिरपुर महोत्सव 2026: सुरों और परंपराओं का महासंगम, 1 से 3 फरवरी तक बिखरेगी कला की छटा
महासमुंद। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी सिरपुर एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक संगीत के अनूठे संगम का गवाह बनने जा रही है। आगामी 1 से 3 फरवरी तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव में प्रदेश की लोक परंपराओं के साथ शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत की लहरें उठेंगी। छत्तीसगढ़ पर्यटन की इस गौरवशाली परंपरा में इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ देंगे।
शिव भक्ति से होगा आगाज, बॉलीवुड धुन पर होगा समापन
महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी को प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी की ‘शिवमय’ प्रस्तुति से होगा। वहीं, समापन की शाम बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स के नाम रहेगी। दूसरे दिन इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार, नचिकेत लेले और वैशाली रायकवार अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
कला और विधाओं का अनूठा तालमेल
महोत्सव के दौरान केवल आधुनिक संगीत ही नहीं, बल्कि शास्त्रीय और लोक कलाओं को भी प्रमुखता दी गई है:
शास्त्रीय पक्ष: इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों द्वारा कत्थक, भरतनाट्यम, ओडिसी नृत्य, ध्रुपद और सितार वादन की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
लोक संस्कृति: फुलझरिया कर्मा पार्टी, पंथी नृत्य, बस्तरिहा नाच, डंडा नृत्य और भरथरी जैसी पारंपरिक विधाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू बिखेरी जाएगी।
विशेष प्रस्तुतियाँ: सूफी स्पिरिचुअल म्यूजिक, कबीर संगीत संध्या और थेरीगाथा नाट्य प्रस्तुति महोत्सव के मुख्य आकर्षण होंगे।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के अनुसार, इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कला और कलाकारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगा। प्रशासन द्वारा दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।













