दुर्ग में सनसनी: कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची टीम के सामने महिला कांग्रेस नेता गंभीर रूप से झुलसी, हालत नाजुक

 दुर्ग में सनसनी: कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची टीम के सामने महिला कांग्रेस नेता गंभीर रूप से झुलसी, हालत नाजुक

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

*****************************

 

दुर्ग में सनसनी: कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची टीम के सामने महिला कांग्रेस नेता गंभीर रूप से झुलसी, हालत नाजुक

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के पचरीपारा इलाके में एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, जब कोर्ट के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने थीं, तो एक दुखद घटना में गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दुर्ग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपार का है। पीड़िता की पहचान 37 वर्षीय शबाना निशा उर्फ रानी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शबाना पचरीपारा में एक किराए के मकान में रह रही थी। बताया जा रहा है कि वह उस मकान को खरीदना चाहती थी, लेकिन मकान मालिक उसे बेचने के पक्ष में नहीं था। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद मकान मालिक ने कोर्ट की शरण ली थी।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद शबाना को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को जब पुलिस की मौजूदगी में कोर्ट का अमला मकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने पहुंचा, तो इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शबाना गंभीर रूप से झुलस गईं।

रायपुर के DKS अस्पताल में भर्ती

झुलसी हुई शबाना को वहां मौजूद लोगों और पुलिस ने तत्काल मदद दी, और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रायपुर के डीकेएस (DKS) अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

पीड़िता शबाना निशा राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव लड़ा था। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों और स्थानीय क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्रशासनिक जांच शुरू

इस घटना ने किराएदार और मकान मालिक के विवादों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान सुरक्षा और काउंसलिंग जैसे गंभीर विषयों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नेताओं और प्रशासन ने इस घटना पर दुख जताया है। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना के समय मौजूद गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

किसी भी संकट की स्थिति में मदद के लिए संपर्क करें: भारत में विभिन्न हेल्पलाइन उपलब्ध हैं, यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया स्थानीय प्रशासन या सहायता केंद्रों से संपर्क करें।