हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भिलाई के लॉ स्टूडेंट की गिरफ्तारी को बताया ‘अवैध’, पुलिस पर ठोका 1 लाख का जुर्माना

 हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भिलाई के लॉ स्टूडेंट की गिरफ्तारी को बताया ‘अवैध’, पुलिस पर ठोका 1 लाख का जुर्माना

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भिलाई के लॉ स्टूडेंट की गिरफ्तारी को बताया ‘अवैध’, पुलिस पर ठोका 1 लाख का जुर्माना

बिलासपुर/भिलाई: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए भिलाई के एक लॉ स्टूडेंट की गिरफ्तारी को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने न केवल युवक को तुरंत राहत दी, बल्कि मानवाधिकारों के उल्लंघन और अवैध हिरासत के लिए राज्य पुलिस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

भिलाई के अवंतीबाई चौक निवासी 30 वर्षीय आकाश कुमार साहू, जो कि एक लॉ (कानून) का छात्र है, को पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था। आकाश ने अपनी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं (CrPC/BNSS के नियम) का पालन नहीं किया और उसे बिना ठोस आधार के हिरासत में रखा।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस की बेंच ने पाया कि पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध थी। कोर्ट ने इसे व्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन माना।

जुर्माने की राशि: कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता आकाश कुमार साहू को मानसिक प्रताड़ना और अवैध हिरासत के एवज में 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह विशेष छूट दी है कि वह इस मामले की आंतरिक जांच कराए। जांच में जो भी पुलिस अधिकारी इस अवैध गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं, जुर्माने की यह राशि (1 लाख रुपये) उनकी सैलरी (वेतन) से वसूल की जा सकती है।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला उन पुलिस अधिकारियों के लिए एक कड़ा सबक है जो बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के नागरिकों को हिरासत में लेते हैं। भिलाई के इस छात्र ने कानून का छात्र होने के नाते अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई, जिस पर मुहर लगाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वर्दी की आड़ में मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।