कवर्धा धान गबन कांड: कूकदूर खरीदी केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, 15 लाख के धान की हेराफेरी का खुलासा

 कवर्धा धान गबन कांड: कूकदूर खरीदी केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, 15 लाख के धान की हेराफेरी का खुलासा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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कवर्धा धान गबन कांड: कूकदूर खरीदी केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, 15 लाख के धान की हेराफेरी का खुलासा

कवर्धा: छत्तीसगढ़ में साय सरकार के खिलाफ विपक्ष के तीखे हमलों के बीच कवर्धा पुलिस ने धान गबन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के कूकदूर धान उपार्जन केंद्र में हुए घोटाले की जांच करते हुए पुलिस ने केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई धान की भौतिक जांच में पाई गई भारी कमी के बाद की गई है।

जांच में 628 क्विंटल धान गायब, कमरे में छिपाए थे कट्टे

वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान अमित बाजपेयी को कूकदूर केंद्र का प्रभारी बनाया गया था। प्रशासन द्वारा जब स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। स्टॉक में लगभग 15 लाख रुपये मूल्य का 628 क्विंटल धान कम पाया गया। जब प्रभारी इस कमी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, तो कलेक्टर के निर्देश पर नोडल अधिकारी आलोक मिश्रा ने कूकदूर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

कवर्धा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अमित बाजपेयी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उपार्जन केंद्र के ही एक बंद कमरे से 120 कट्टा धान बरामद किया है, जिसे आरोपी ने गबन की नीयत से छिपाकर रखा था।

दो अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी

इस मामले में केवल केंद्र प्रभारी ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। कवर्धा एसपी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, “आरोपी ने धान छिपाने की बात स्वीकार कर ली है। वर्तमान में रोहित डड़सेना और महेश नाम के दो अन्य युवकों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।”

विपक्ष के निशाने पर सरकार

राज्य में धान खरीदी के दौरान चूहों द्वारा धान खाने और अब गबन के मामलों ने सियासी पारा गरमा दिया है। कवर्धा की इस कार्रवाई को जिला प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के रूप में देखा जा रहा है, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।