कोरबा में ‘अलाव’ बना काल: आग की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत, एक युवक झुलसा

 कोरबा में ‘अलाव’ बना काल: आग की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत, एक युवक झुलसा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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कोरबा में ‘अलाव’ बना काल: आग की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत, एक युवक झुलसा

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव जलाना दो परिवारों के लिए मातम में बदल गया। जिले में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में अलाव ताप रही दो महिलाएं आग की गंभीर चपेट में आ गईं, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इन हादसों में एक युवक भी घायल हुआ है।

पहली घटना: लकवाग्रस्त वृद्धा की कमरे में जलने से मौत

पहली हृदयविदारक घटना करतला थाना क्षेत्र के ग्राम आमादाड़ (रजगामार) की है। यहाँ 57 वर्षीय गुरुवारी बाई, जो पिछले एक महीने से लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित थीं, अपने कमरे में ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रही थीं। 12 फरवरी की शाम को अलाव की चिंगारी ने उनके कपड़ों को पकड़ लिया। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण वह खुद को बचा नहीं सकीं और गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ गुरुवार (15 फरवरी, 2026) देर शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।

दूसरी घटना: सार्वजनिक अलाव के पास हादसे का शिकार हुई महिला

दूसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर बस्ती की है। यहाँ 5 फरवरी को 38 वर्षीय रूबी देवी घर के पास जल रहे सार्वजनिक अलाव के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग लग गई। उन्हें बचाने के चक्कर में 22 वर्षीय युवक जगदीश कुमार भी झुलस गया। रूबी देवी को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में बिलासपुर रेफर किया गया था, जहाँ 15 फरवरी को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचने के लिए अलाव जलाते समय सूती कपड़ों का प्रयोग करें और आग के बेहद करीब न बैठें, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।