जोश और जज्बा: “भारतीय सेना के ७८ गौरवशाली वर्ष: एनसीसी कैडेटों ने शौर्य गाथाओं के जरिए वीरों को किया नमन”

 जोश और जज्बा: “भारतीय सेना के ७८ गौरवशाली वर्ष: एनसीसी कैडेटों ने शौर्य गाथाओं के जरिए वीरों को किया नमन”

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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जोश और जज्बा: “भारतीय सेना के ७८ गौरवशाली वर्ष: एनसीसी कैडेटों ने शौर्य गाथाओं के जरिए वीरों को किया नमन”

 

भिलाई नगर। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी दुर्ग के कमान अधिकारी के निर्देशानुसार एवं कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई नगर के प्राचार्य डॉ विनय शर्मा के प्रेरणा अनुसार आज महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक फाउंडेशन के पदाधिकारीयों के साथ 78 वॉं सेना दिवस मनाया गया । इस अवसर पर सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री हरप्रीत सिंह व डॉ० विनय शर्मा ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी ले० डॉ० हरीश कुमार कश्यप ने बताया की 15 जनवरी को पूरा देश अपने सैनिकों के साहस, समर्पण व राष्ट्र सेवा को नमन करता है यह राष्ट्रीय गौरव का वह अवसर है जब भारतीय सेना के अदम्य साहस, निष्ठा और बलिदान को याद किया जाता है और इसी दिन सन 1949 में अंतिम ब्रिटिश सेनापति जनरल सर फ्रांसिस राय बुचर से भारतीय सेना की पूरी कमान अपने हाथों में ले ली थी। इसी क्षण से भारतीय सेना पूर्ण रूप से भारत की संप्रभु, सत्ता और राष्ट्रीय हितों की संरक्षक बनी। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य डॉ० विनय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए समस्त अतिथियों का स्वागत किया व इस अवसर पर परंपरागत रूप से वीरता और शौर्य के लिए सैनिकों को सम्मानित किया और उन्होंने बताया की स्वतंत्रता के बाद से ही भारतीय सेना अपने ध्येय वाक्य “स्वयं से पहले सेवा” पर खरी उतरी है और आज भी लैटिन उक्ति “अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिए” की भावना को व्यवहार में उतारा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक फाउंडेशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने प्राध्यापकों और कैडेटों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि फौजी के शौर्य, वीरता सहित उनका सम्मान करने का मौका आपसे मिला है, और एनसीसी के कैडेट हमेशा कंधे से कंधे मिलाकर हमें सहयोग प्रदान करते रहते हैं भारत देश की रीढ़ की हड्डी यदि कहा जाए तो हमारा डिफेंस है जो आज भी विश्व में सबसे मजबूत है। विशिष्ट अतिथि गिरजेश सिंह ने अपने उद्बोधन में बताया कि समाज में आ रहे भटकाव को रोकने के उद्देश्य से इस फाउंडेशन की स्थापना की और युवाओं को ट्रेनिंग देते हैं, उनका उत्साह बढ़ाते हैं और हौसला मजबूत करते हैं तथा उनका मनोबल ना गिरे और अपने लक्ष्य के लिए ऐसे खड़े हो जाएं कि वह सफलता को प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि हमारी सेना प्रतिदिन एक ऑपरेशन लॉन्च करती है और उसे अंजाम तक पहुंचती है। आज कैडेट भी भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश सेवा कर सकते हैं। उद्बोधन के अगले क्रम में विशिष्ट अतिथि रजनीश कुमार सिंह ने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि यदि आप अनुशासित हैं व माता-पिता तथा गुरु का सम्मान करते हैं तो आप कभी निराश नहीं होंगे चाहे आप किसी भी प्रकार की सेवा या व्यवसाय से जुड़े हो आप देश की सेवा कर रहे होंगे और आपकी सफलता निश्चित है। उद्बोधन की अंतिम कड़ी में विशिष्ट अतिथि चंद्र मोहन ने कहा कि ब्लैक कैट कमांडो सुनकर डरे नहीं वह भी आपकी तरह ही सामान्य व्यक्ति हैं, वह सेना से ही चयन होकर एक विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और एनएसजी के अंतर्गत कार्य करते हुए भारत देश में किसी भी विषम स्थिति में 30 मिनट में पहुंच कर भारत की रक्षा को बनाए रखते हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर आभार प्रदर्शन महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय अध्यक्ष डॉ० सलीम अकील सर ने किया इस समस्त कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी ले० डाॅ० हरीश कुमार कश्यप ने किया इस अवसर पर 42 एनसीसी कैडेट के साथ महाविद्यालय के स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ० ईश्वर सिंह बारगाह गणित विभागाध्यक्ष गणित डॉ० एम० पी० गोस्वामी अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ अनुराग पांडे, अमित अग्रवाल, शिवानंद चौबे, योगेश रामटेक, जितेंद्र कुमार, कोमेस सिन्हा, नेहा यादव व आदित्य सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक को कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन एनसीसी सांग के साथ हुआ।