दुर्ग जिले में धान खरीदी की रफ्तार तेज: अब तक 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी, किसानों को मिला 893 करोड़ का भुगतान

 दुर्ग जिले में धान खरीदी की रफ्तार तेज: अब तक 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी, किसानों को मिला 893 करोड़ का भुगतान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग जिले में धान खरीदी की रफ्तार तेज: अब तक 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी, किसानों को मिला 893 करोड़ का भुगतान

दुर्ग, : छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के चलते दुर्ग जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिला प्रशासन द्वारा की गई पुख्ता व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप अब तक जिले के 75,261 किसानों से 4,05,546.04 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है, जिसकी कुल लागत 96,137.98 लाख रुपये है।

त्वरित भुगतान से किसानों के चेहरे खिले

राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का तत्काल लाभ देना है। इसी कड़ी में अब तक जिले के किसानों को 89,384.18 लाख रुपये का ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा चुका है। वाजिब दाम और समय पर राशि मिलने से किसानों में भारी संतोष देखा जा रहा है।

धान का उठाव और बारदाने की उपलब्धता

उपार्जन केंद्रों से धान के उठाव में भी तेजी आई है। अब तक 2,37,299.14 मीट्रिक टन धान के लिए डीओ (DO) जारी किया जा चुका है, जिसमें से 1,59,381.50 मीट्रिक टन धान का उठाव सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में केंद्रों पर बारदानों की कोई कमी नहीं है; प्रशासन के पास 26,04,406 बारदाने उपलब्ध हैं।

बिचौलियों पर लगाम: 41 हजार से अधिक किसानों ने किया रकबा समर्पण

सरकार की पारदर्शी व्यवस्था में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने के लिए किसान स्वयं आगे आ रहे हैं। धान बेचने के बाद जिले के 41,822 किसानों ने स्वेच्छा से 1,080.57 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है। इस कदम से अवैध रूप से धान खपाने वाले बिचौलियों पर लगाम कसी जा सकी है।

जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छांव, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं, जिससे टोकन प्रक्रिया और धान विक्रय सरल हो गया है।