छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग की बड़ी स्ट्राइक: ‘सितार’ गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ का जुर्माना
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग की बड़ी स्ट्राइक: ‘सितार’ गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ का जुर्माना
भिलाई/दुर्ग: छत्तीसगढ़ में अवैध और प्रतिबंधित गुटखा कारोबार के खिलाफ जीएसटी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने दुर्ग के कुख्यात कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का टैक्स और जुर्माना (पेनल्टी) निर्धारित किया है। यह कार्रवाई पिछले पांच वर्षों से चल रहे अवैध कारोबार के गहन आकलन के बाद की गई है।
प्रतिबंधित ‘सितार’ ब्रांड का फैला था जाल
जांच में पुष्टि हुई है कि गुरमुख जुमनानी “सितार” नाम का तंबाकू युक्त गुटखा पूरे प्रदेश में सप्लाई कर रहा था। छत्तीसगढ़ में यह उत्पाद पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद सिंडिकेट के जरिए इसे बाजार में खपाया जा रहा था।
ऐसे चलता था ‘अंडरग्राउंड’ नेटवर्क
जीएसटी विभाग के अनुसार, यह काला कारोबार बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से संचालित था:
फर्जी रेंट एग्रीमेंट: छापेमारी में खुलासा हुआ कि गोदामों के लिए गुरमुख के पिता अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर रेंट एग्रीमेंट करवाते थे ताकि मुख्य सरगना का नाम सामने न आए।
नाइट शिफ्ट का खेल: फैक्ट्री और पैकिंग यूनिट्स में काम रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक चलता था। मजदूरों की व्यवस्था छिंदवाड़ा का लेबर कॉन्ट्रेक्टर बबलू करता था।
दोहरे मोर्चे पर उत्पादन: गुटखे का कच्चा माल राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड’ फैक्ट्री में तैयार होता था, जो कागजों में ‘मीठी सुपारी’ बनाने के लिए रजिस्टर्ड है। इसके बाद जोरातराई और गनियारी की यूनिट्स में इसकी पैकिंग की जाती थी।
सिर्फ 2 रुपये की कीमत, पर करोड़ों का मुनाफा
पूछताछ में फैक्ट्री मैनेजर दीपक पांडे ने बताया कि मशीन से प्रति मिनट 250 पैकेट तैयार होते थे। ‘सितार’ गुटखा बाजार में मात्र 2 रुपये में बिकता था।
दैनिक उत्पादन: रोजाना लगभग 50 बोरा गुटखा खपाया जाता था।
कार्यप्रणाली: महीने में केवल 18 दिन काम होने के बावजूद, टर्नओवर और मुनाफे का आंकड़ा करोड़ों में था।
जुलाई 2025 की छापेमारी से खुला राज
इस बड़े घोटाले की परतें जुलाई 2025 में खुलनी शुरू हुई थीं, जब जीएसटी की टीम ने जोरातराई और गनियारी स्थित ठिकानों पर दबिश दी थी। 2021 से 2025 के बीच रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के विभिन्न किराए के गोदामों का इस्तेमाल कर इस नेटवर्क को फैलाया गया था।
विभाग की चेतावनी:
जीएसटी विभाग की इस बड़ी पेनल्टी से अवैध तंबाकू व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पादों की अवैध मैन्युफैक्चरिंग और टैक्स चोरी पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










