गरियाबंद: नकली दवाओं के संगठित कारोबार का भंडाफोड़, नवकार मेडिकल स्टोर पर FIR दर्ज
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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गरियाबंद: नकली दवाओं के संगठित कारोबार का भंडाफोड़, नवकार मेडिकल स्टोर पर FIR दर्ज
गरियाबंद/नवापारा: खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में नकली दवाओं के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। नवापारा स्थित नवकार मेडिकल स्टोर्स में फर्जी बिलों के सहारे बेची जा रही नकली ‘बेस्टो कोफ’ (Besto Kof) सिरप पकड़े जाने के बाद पुलिस ने संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब औषधि निरीक्षक ने 9 सितंबर 2025 को गोबरा नवापारा स्थित मेसर्स नवकार मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सितंबर 2024 के एक बिल (क्र. 460) के माध्यम से ‘बेस्टो कोफ’ सिरप (बैच नंबर B 6019024) की बिक्री दिखाई गई थी। संदेह होने पर जब विभाग ने संबंधित दवा निर्माता कंपनी से संपर्क किया, तो रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि उस बैच की दवा कंपनी ने कभी बनाई ही नहीं थी।
फर्जी बिल और आपराधिक साजिश
जांच में पाया गया कि आरोपी संचालक पारसमल जैन ने न केवल नकली दवा बेची, बल्कि उसके लिए कूटरचित (जाली) दस्तावेज और बिल भी तैयार किए। जांच का दायरा बढ़ने पर यह भी सामने आया कि नवकार मेडिकल स्टोर्स और राजिम स्थित मेसर्स कुलेश्वर मेडिकल स्टोर एंड जनरल स्टोर्स के बीच आपराधिक षड्यंत्र के तहत नकली दवाओं का अवैध व्यापार चल रहा था।
इन धाराओं में हुआ मामला दर्ज
मामले में आरोपी सीताराम साहू के कबूलनामे के बाद पुलिस ने दोनों मेडिकल स्टोर्स के बीच की कड़ी जोड़ते हुए कार्रवाई की है। गोबरा नवापारा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है:
धारा 318(4): धोखाधड़ी
धारा 336(3) व 338: जालसाजी और जाली दस्तावेज का उपयोग
धारा 340(2): फर्जी दस्तावेज तैयार करना
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग इस सिंडिकेट की गहराई तक पहुँचने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है, ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जा सके।










