महासमुंद में तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का आगाज 01 फरवरी से, बॉलीवुड और छालीवुड के सितारों से सजेगी सुरों की शाम
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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महासमुंद: तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का आगाज 01 फरवरी से, बॉलीवुड और छालीवुड के सितारों से सजेगी सुरों की शाम
महासमुंद। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी सिरपुर एक बार फिर देश-दुनिया के पर्यटकों और कला प्रेमियों के स्वागत के लिए तैयार है। महासमुंद जिला प्रशासन द्वारा आगामी 01 फरवरी 2026 से तीन दिवसीय भव्य ‘सिरपुर महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में प्राचीन सभ्यता के वैभव के साथ-साथ आधुनिक संगीत और कला का संगम देखने को मिलेगा।
महोत्सव की मुख्य विशेषताएँ:
तारीख: 01 फरवरी से 03 फरवरी 2026 तक।
स्थान: ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर परिसर के समीप, सिरपुर (महासमुंद)।
कलाकारों का जमावड़ा: इस वर्ष महोत्सव के मंच पर बॉलीवुड के पार्श्व गायकों के साथ-साथ छालीवुड (छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत) के नामचीन सितारे अपनी प्रस्तुति देंगे। स्थानीय लोक कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए विशेष मंच प्रदान किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा:
महोत्सव के तीनों दिन शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति जैसे पंथी, करमा और सुआ नृत्य की झलक दिखेगी। वहीं, मुख्य आकर्षण के रूप में बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और छालीवुड के सुपरस्टार्स की लाइव परफॉर्मेंस होगी, जो दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
तैयारियों का जायजा:
कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर लिया है। सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के रुकने के इंतजाम और यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की गई है। पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था (Lighting) की विशेष तैयारी की जा रही है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:
महासमुंद जिला प्रशासन का उद्देश्य इस महोत्सव के माध्यम से सिरपुर के ऐतिहासिक महत्व, विशेषकर यहाँ के बौद्ध स्तूपों और प्राचीन मंदिरों को विश्व पटल पर और अधिक मजबूती से स्थापित करना है। महोत्सव के दौरान हस्तशिल्प प्रदर्शनी और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
प्रशासन की अपील:
महासमुंद जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे भारी संख्या में पहुँचकर इस सांस्कृतिक महाकुंभ का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा का आनंद लें।










