दुर्ग जिले में धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसान गदगद; पारदर्शिता और त्वरित उठाव ने आसान बनाई राह

 दुर्ग जिले में धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसान गदगद; पारदर्शिता और त्वरित उठाव ने आसान बनाई राह

 

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग जिले में धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसान गदगद; पारदर्शिता और त्वरित उठाव ने आसान बनाई राह

दुर्ग,राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते दुर्ग जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। प्रशासन द्वारा की गई पुख्ता व्यवस्थाओं के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है, जिससे किसान शासन-प्रशासन की सराहना कर रहे हैं।

बिना बाधा के हो रही खरीदी और उठाव

उपार्जन केंद्रों पर धान की आवक के साथ-साथ ट्रकों के माध्यम से प्रतिदिन धान का उठाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे केंद्रों पर भंडारण का अतिरिक्त दबाव नहीं बन रहा है। 24×7 टोकन व्यवस्था लागू होने से किसानों को समय पर टोकन प्राप्त हो रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित हो गई है।

किसान धनेश कुमार ने साझा किया अनुभव

पिसेगांव निवासी किसान श्री धनेश कुमार ने उपार्जन केंद्र कोलिहापुरी में अपना धान विक्रय किया। उन्होंने 2.26 हेक्टेयर क्षेत्र में उत्पादित 105 क्विंटल सरना धान बेचा। धनेश कुमार ने बताया कि यह उनका दूसरा टोकन था और उन्हें बिना किसी कतार या परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिली। उन्होंने समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए बारदाने और सिलाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। श्री धनेश ने कहा, “धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग मैं आगामी रबी फसल की तैयारी में करूंगा।”

अधिकारियों की सतत निगरानी

जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के लिए नोडल अधिकारी नियमित रूप से केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता और मौके पर मॉनिटरिंग के कारण किसानों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा रकबा समर्पण की प्रक्रिया का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

इस सुव्यवस्थित तंत्र से न केवल किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिल रहा है, बल्कि खेती-किसानी के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है