बालोद जिले में नियमों की अनदेखी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गोविंद राइस मिल सील; मिलर्स में मचा हड़कंप
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बालोद जिले में नियमों की अनदेखी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गोविंद राइस मिल सील; मिलर्स में मचा हड़कंप
बालोद (छत्तीसगढ़):बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में एसडीएम नूतन कंवर के निर्देश पर गुरूर क्षेत्र स्थित गोविंद राइस मिल को सील करने की बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अचानक हुई कार्रवाई से जिले के अन्य राइस मिल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
तहसीलदार आशुतोष शर्मा के अनुसार, गोविंद राइस मिल ने पिछले वर्ष भारतीय खाद्य निगम (FCI) और पीडीएस गोदाम में 85 प्रतिशत चावल जमा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद आगामी सीजन 2025-26 के लिए कस्टम मीलिंग हेतु अनिवार्य ऑनलाइन पंजीयन नहीं कराया था। यह लापरवाही ‘छत्तीसगढ़ कस्टम मीलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016’ की कंडिका 4(1) का स्पष्ट उल्लंघन है, जो कि कंडिका 09 के तहत एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
संयुक्त टीम ने मारा छापा
अनियमितता की सूचना मिलते ही 1 जनवरी 2026 को एसडीएम नूतन कंवर के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। इस दल में राजस्व, खाद्य, सहकारिता और कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारी शामिल थे। छापे के दौरान तहसीलदार आशुतोष शर्मा, सहायक खाद्य अधिकारी संतोष कुमार, राजस्व निरीक्षक और कृषि उपज मंडी निरीक्षक की उपस्थिति में मिल की जांच की गई और गड़बड़ी पुख्ता होने पर उसे सील कर दिया गया।
प्रशासन की चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी और कस्टम मीलिंग के कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्रवाई के डर से अब अन्य राइस मिल संचालक अपने दस्तावेजों और पंजीयन प्रक्रिया को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। प्रशासन की इस सक्रियता ने बिचौलियों और नियम विरुद्ध काम करने वाले मिलर्स को कड़ा संदेश दिया है।










