रायगढ़: धान खरीदी में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 3 समिति प्रबंधक निलंबित, 2 से छीने गए वित्तीय प्रभार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायगढ़: धान खरीदी में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 3 समिति प्रबंधक निलंबित, 2 से छीने गए वित्तीय प्रभार
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने तीन समिति प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है, जबकि दो अन्य प्रबंधकों से उनके वित्तीय अधिकार छीन लिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में खुली पोल
सहकारिता विभाग के उप आयुक्त के अनुसार, धान खरीदी केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच में यह सामने आया कि शासन द्वारा निर्धारित ‘ढाला पद्धति’ का पालन नहीं किया जा रहा था। कई केंद्रों पर धान की गुणवत्ता जांचे बिना ही उसे सीधे सरकारी बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबन:
ठंडाराम बेहरा (सहायक समिति प्रबंधक, छाल): लापरवाही के आरोप में नोटिस का जवाब न देने पर निलंबित।
प्रहलाद बेहरा (समिति प्रबंधक व फड़ प्रभारी, कोड़ासिया): नोटिस की अनदेखी करने पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड।
कृपाराम राठिया (सहायक समिति प्रबंधक): धान खरीदी में लापरवाही की पुष्टि होने पर निलंबन की कार्रवाई।
वित्तीय प्रभार छीना गया:
दीनबंधु पटेल (सहायक समिति प्रबंधक, जमरगीडी): संतोषजनक जवाब न मिलने पर वित्तीय प्रभार समाप्त।
श्यामनारायण दुबे (सहायक समिति प्रबंधक, कापू): शासन के निर्देशों की अनदेखी के कारण वित्तीय अधिकार छीने गए।
अधिकारियों से बदसलूकी भी पड़ी भारी
खड़गांव धान उपार्जन केंद्र में एक अन्य गंभीर मामला सामने आया, जहाँ नोडल अधिकारी के साथ गाली-गलौज और धमकी देने की शिकायत सही पाई गई। प्रशासन ने इस मामले में भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
जिला प्रशासन ने सभी केंद्र प्रभारियों को हिदायत दी है कि किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखें और शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही पारदर्शी तरीके से धान खरीदी सुनिश्चित करें।










