बेमेतरा में अवैध धान पर बड़ी स्ट्राइक: 4,782 बोरी धान जब्त, मुलमुला में व्यापारी का गोदाम सील
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बेमेतरा में अवैध धान पर बड़ी स्ट्राइक: 4,782 बोरी धान जब्त, मुलमुला में व्यापारी का गोदाम सील
बेमेतरा, बेमेतरा जिला प्रशासन ने अवैध धान के अवैध कारोबार, भंडारण और परिवहन के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा निर्देश पर राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले की विभिन्न राइस मिलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 4,782 बोरी धान जब्त किया है। जब्त किए गए इस धान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 44 लाख रुपये बताई जा रही है।
इन राइस मिलों और ठिकानों पर हुई कार्रवाई
प्रशासनिक अमले ने क्षेत्रवार जांच करते हुए निम्नलिखित स्थानों से अवैध स्टॉक बरामद किया:
मान्या ट्रेडर्स (बीजा): सर्वाधिक 3,500 बोरी धान जब्त।
हनुमंत राइस मिल (खमरिया): 488 बोरी धान।
चेतन अनाज भंडार (बीजा): 300 बोरी धान।
टीकाराम राइस मिल (भंसुली): 294 बोरी धान।
बेदामी राइस मिल (बीजा): 200 बोरी धान।
मुलमुला में प्रशासन की सख्ती, गोदाम किया गया सील
कार्यवाही के दौरान ग्राम मुलमुला में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब फुटकर व्यापारी भोलाराम देवांगन ने जांच टीम को सहयोग करने से इनकार कर दिया और गोदाम की चाबी देने में आनाकानी की। टीम ने जब कड़ाई बरती तो पाया कि वहां बिना किसी वैध दस्तावेज के लगभग 350 बोरी धान डंप किया गया था। नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने तत्काल गोदाम को सील कर दिया है।
कलेक्टर की चेतावनी: अवैध भंडारण पर जारी रहेगी पैनी नजर
जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान का परिवहन और भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और मंडी समिति की टीमों को स्वतंत्र रूप से निरंतर जांच करने के आदेश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा, “यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और धान उपार्जन की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाने वाले धान को तुरंत जब्त कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
किसानों और व्यापारियों से अपील
प्रशासन ने जिले के सभी किसानों और व्यापारियों से अपील की है कि वे धान की बिक्री और भंडारण केवल सरकार द्वारा अधिकृत केंद्रों और निर्धारित नियमों के तहत ही करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना जिला प्रशासन को दी जा सकती है।










