छत्तीसगढ़ के खजुराहो का होगा कायाकल्प: ₹146 करोड़ से काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनेगा ‘भोरमदेव कॉरिडोर’
प्राइम सी 24 न्यूज से दुर्ग संभाग ब्यूरो चीफ जावेद खान की रिपोर्ट
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छत्तीसगढ़ के खजुराहो का होगा कायाकल्प: ₹146 करोड़ से काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनेगा ‘भोरमदेव कॉरिडोर’
कवर्धा:छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान, भोरमदेव मंदिर अब एक नए और भव्य स्वरूप में दुनिया के सामने आएगा। उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर अब कबीरधाम जिले में ‘भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना’ को मंजूरी दी गई है। ₹146 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य 7वीं से 11वीं शताब्दी के इस प्राचीन शिव मंदिर परिसर को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
एकीकृत विकास: कॉरिडोर के माध्यम से मुख्य भोरमदेव मंदिर को मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोधा दादर जैसे ऐतिहासिक स्थलों से जोड़ा जाएगा।
भव्य प्रवेश द्वार: श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए परिसर में 6 शानदार प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें ‘नागद्वार’ विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
आधुनिक सुविधाएं: ऐतिहासिक तालाबों का सौंदर्यीकरण, बेहतर पैदल पथ (वॉकिंग ट्रेल), हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) और बैठने की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी।
तकनीक और संरक्षण: प्राचीन धरोहर को सुरक्षित रखते हुए यहाँ वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आस्था, तकनीक और प्राचीन वास्तुकला का यह संगम आने वाले समय में पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा।









