छत्तीसगढ़ में बड़ा उलटफेर: जिसे पुलिस ने माना था ‘मुर्दा’, वह थाने पहुँचकर बोला– “साहब, मैं जिंदा हूँ”

 छत्तीसगढ़ में बड़ा उलटफेर: जिसे पुलिस ने माना था ‘मुर्दा’, वह थाने पहुँचकर बोला– “साहब, मैं जिंदा हूँ”

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में बड़ा उलटफेर: जिसे पुलिस ने माना था ‘मुर्दा’, वह थाने पहुँचकर बोला– “साहब, मैं जिंदा हूँ”

जशपुर | छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस की जांच और कार्यप्रणाली पर उस वक्त गंभीर सवालिया निशान लग गए, जब अपनी ही ‘हत्या’ के मामले में ‘मृत’ घोषित किया गया युवक अचानक जीवित होकर थाने पहुँच गया। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को अचंभे में डाल दिया है, बल्कि उन तीन युवकों के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं जो इस वक्त ‘हत्या’ के आरोप में जेल की सलाखें गिन रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

बीते दिनों जशपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बांकी नदी के पास एक अधजला शव बरामद हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद इस शव की शिनाख्त ग्राम सीटोंगा निवासी सीमित खाखा के रूप में की थी। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, कमीशन के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में सीमित के दोस्तों ने ही उसकी हत्या की थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आनन-फानन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार (दफन) भी कर दिया था।

झारखंड से लौटा ‘मुर्दा’

मामले में तब नाटकीय मोड़ आया जब ‘मृत’ माना जा रहा सीमित खाखा खुद ग्राम सरपंच के साथ सिटी कोतवाली थाने पहुँच गया। उसे देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। सीमित ने बताया कि वह काम की तलाश में झारखंड गया हुआ था। जब वह वापस लौटा, तो उसे पता चला कि पुलिस उसे मृत मान चुकी है और उसके निर्दोष दोस्त उसकी ‘हत्या’ के आरोप में जेल में हैं।

पुलिस की शिनाख्त पर उठे सवाल

इस घटना ने जशपुर पुलिस की जांच प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:

बांकी नदी के पास मिला वह अधजला शव किसका था?

बिना पुख्ता डीएनए टेस्ट या वैज्ञानिक साक्ष्यों के पुलिस ने शव की पहचान कैसे सुनिश्चित की?

क्या निर्दोष लोगों को जेल भेजने की जल्दबाजी में जांच के प्रोटोकॉल को दरकिनार किया गया?

सूरजपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति

छत्तीसगढ़ में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। अभी पिछले महीने, नवंबर 2025 में सूरजपुर जिले से भी ऐसी ही खबर आई थी, जहाँ पुरुषोत्तम नाम का युवक अपने अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद जीवित घर लौट आया था।

फिलहाल, जशपुर पुलिस इस नई गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रही है। अब दफनाए गए शव को बाहर निकालकर उसकी पहचान के लिए नए सिरे से जांच शुरू की जाएगी। साथ ही, जेल में बंद युवकों की रिहाई की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।