रायगढ़ में तालाब में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत, रातभर शव के पास पहरा देते रहे गजराज; ग्रामीणों में दहशत।

 रायगढ़ में तालाब में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत, रातभर शव के पास पहरा देते रहे गजराज; ग्रामीणों में दहशत।

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायगढ़ में तालाब में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत, रातभर शव के पास पहरा देते रहे गजराज; ग्रामीणों में दहशत।

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन मंडल अंतर्गत बंगुरसिया सर्किल से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के बडझरिया गांव के तालाब में शुक्रवार शाम नहाने के दौरान एक 6 माह के हाथी के बच्चे (शावक) की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद हाथियों के झुंड की चिंघाड़ से पूरा इलाका थर्रा उठा और ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई।

रातभर शव के पास डटा रहा झुंड

प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग के अनुसार, हादसे के बाद हाथियों का झुंड विचलित हो गया और पूरी रात तालाब के पास ही डेरा जमाए रखा। हाथियों के दर्द और गुस्से भरी चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। मर्मस्पर्शी बात यह रही कि हाथियों ने स्वयं ही कड़ी मशक्कत कर मृत शावक के शव को पानी से बाहर निकाला। शनिवार सुबह जब हाथियों का झुंड जंगल की ओर गया, तब जाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँच सकी।

धान मंडी में उत्पात और विभाग की चिंता

वन विभाग के मुताबिक, बंगुरसिया क्षेत्र में वर्तमान में 30 से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यह दल न केवल रिहायशी इलाकों के करीब है, बल्कि धान मंडियों में भी धान को अपना भोजन बनाकर उत्पात मचा रहा है। रायगढ़ के दोनों वन मंडलों में हाथियों की लगातार हो रही मौतों और मानव-हाथी द्वंद्व ने विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।

कार्रवाई जारी

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत शावक के शव को अपने कब्जे में ले लिया है। विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के करीब न जाने की सलाह दी है।

हाथियों की आवाजाही और वन विभाग के अलर्ट की अधिक जानकारी के लिए आप छत्तीसगढ़ वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।