पूर्व CM की उप सचिव सौम्या चौरसिया पर ED का बड़ा खुलासा, 115 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का दावा

 पूर्व CM की उप सचिव सौम्या चौरसिया पर ED का बड़ा खुलासा, 115 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का दावा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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पूर्व CM की उप सचिव सौम्या चौरसिया पर ED का बड़ा खुलासा, 115 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का दावा

रायपुर,:छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक नया और चौंकाने वाला खुलासा किया है। ED ने कोर्ट में पेश किए गए अपने दस्तावेजों में दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बेहद करीबी और पूर्व उप सचिव (Deputy Secretary) सौम्या चौरसिया को इस घोटाले के जरिए लगभग 115 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

ED के दावे के मुख्य बिंदु:

अवैध कमीशन का हिस्सा: ED की जांच के अनुसार, राज्य में शराब की बिक्री पर प्रति पेटी वसूले जाने वाले अवैध कमीशन (पार्टी फंड और व्यक्तिगत लाभ के रूप में) का एक बड़ा हिस्सा सौम्या चौरसिया तक पहुँचाया गया था।

सिंडिकेट की भूमिका: जांच एजेंसी का कहना है कि अनवर ढेबर और अन्य सहयोगियों के माध्यम से चलाए जा रहे इस सिंडिकेट में सौम्या चौरसिया की भूमिका बेहद प्रभावशाली थी। वे प्रशासनिक स्तर पर इस अवैध वसूली को संरक्षण दे रही थीं।

संपत्तियों में निवेश: ED ने आरोप लगाया है कि इन 115 करोड़ रुपयों का उपयोग विभिन्न बेनामी संपत्तियों की खरीद और निवेश में किया गया। जांच के दौरान सौम्या चौरसिया और उनके परिजनों से जुड़ी कई अचल संपत्तियों को पहले ही कुर्क (Attach) किया जा चुका है।

जेल में हैं सौम्या: बता दें कि सौम्या चौरसिया कोयला लेवी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में दिसंबर 2022 से ही जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिकाएं कई बार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी हैं।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

ED के अनुसार, छत्तीसगढ़ में साल 2019 से 2022 के बीच लगभग 2,161 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ था। इसमें बिना होलोग्राम वाली अवैध शराब बेचना, डिस्टिलर्स से कमीशन लेना और विदेशी शराब की दुकानों से अवैध वसूली शामिल थी।

राजनीतिक हलचल:

इस खुलासे के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को “भ्रष्टाचार का काल” बताया है, वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।