दुर्ग में आधुनिक तकनीक से लैस हुआ दुर्ग निगम का कचरा प्रबंधन, धमधा नाका सेंटर से हुई नई शुरुआत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
****************************
दुर्ग: आधुनिक तकनीक से लैस हुआ दुर्ग निगम का कचरा प्रबंधन, धमधा नाका सेंटर से हुई नई शुरुआत
दुर्ग: दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 150 टन कचरे के प्रभावी निपटान के लिए निगम प्रशासन ने एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। शहर की बढ़ती जनसंख्या और कचरे की मात्रा में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए, निगम अब सभी 10 सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (SLRM) सेंटरों पर अत्याधुनिक तकनीक वाले सेग्रीगेशन प्लांट स्थापित करने जा रहा है। इस महात्वाकांक्षी योजना की शुरुआत धमधा नाका स्थित सेंटर से कर दी गई है।
पुरानी मशीनों की कम क्षमता बनी थी चुनौती
वर्तमान में, निगम क्षेत्र में सूखा और गीला कचरा अलग करने के लिए सेग्रीगेशन मशीनें लगी हुई थीं, लेकिन वे पुरानी तकनीक की थीं और उनकी क्षमता काफी कम थी। यह अपर्याप्त क्षमता बढ़ते हुए कचरे के ढेर और प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही थी।
आयुक्त सुमित अग्रवाल की पहल: हाईटेक प्लांट्स की स्थापना
इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने पहल की है। उन्होंने बताया कि नई मशीनें आधुनिक तकनीक से लैस हैं, जिनकी सेग्रीगेशन (पृथक्करण) क्षमता पुरानी मशीनों की तुलना में कहीं अधिक है।
आयुक्त ने कहा, “नए प्लांट की खासियत यह है कि यह कचरे के लगभग सभी प्रकारों—चाहे वह प्लास्टिक हो, धातु हो, कांच हो या जैविक अपशिष्ट—को सटीकता से अलग-अलग करेगा, ताकि उसे सही तरीके से रिसाइकल और रियूज किया जा सके।”
डंप साइट्स खत्म करने में मिलेगी मदद
इन आधुनिक प्लांट्स की उच्च क्षमता का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि ये न केवल वर्तमान के दैनिक कचरे का प्रबंधन करेंगे, बल्कि एसएलआरएम सेंटरों और मुख्य डंपिंग यार्ड में जमा पुराने कचरे के ढेरों को भी तेजी से खत्म करने में मदद करेंगे।
धमधा नाका से शुरू हुई यह परियोजना जल्द ही निगम के बाकी 9 सेंटरों तक पहुंचेगी, जिससे ‘स्वच्छ दुर्ग’ का लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।








