अवैध धान जप्ती में रायगढ़ प्रदेश में नंबर वन, अब तक 7300 क्विंटल धान ज़ब्त; खरीदी केंद्रों पर रौनक
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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अवैध धान ज़ब्ती में रायगढ़ प्रदेश में नंबर वन, अब तक 7300 क्विंटल धान ज़ब्त; खरीदी केंद्रों पर रौनक
रायगढ़: ज़िले में 15 नवंबर से शुरू हुई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब गति पकड़ चुकी है। शुरुआती उदासीनता के बाद, किसान बड़ी संख्या में उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने लगे हैं, जिससे ज़िले के 105 केंद्रों पर अच्छा माहौल देखने को मिल रहा है। धान विक्रय में किसानों की बढ़ती भागीदारी के साथ ही, प्रशासन अवैध धान के परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप रायगढ़ ज़िला अवैध धान की ज़ब्ती के मामले में पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
अवैध धान पर प्रशासन की पैनी नज़र
धान खरीदी सीज़न की शुरुआत से ही, संयुक्त जांच टीमों और अंतर्राज्यीय व आंतरिक चेक पोस्टों ने अवैध धान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस अभियान के तहत, अब तक कुल 43 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 18,250 बोरी (7300 क्विंटल) अवैध धान ज़ब्त किया गया है।
प्रमुख ज़ब्तियाँ
अवैध धान की सबसे बड़ी ज़ब्ती महापल्ली में हुई, जहाँ मनीष अग्रवाल के गोदाम से 6500 बोरी धान बरामद किया गया। इसके अलावा, पुसौर के नेतनागर में मंगल साव के पास से 1250 बोरी, धरमजयगढ़ में मुकेश अग्रवाल के यहाँ से 1000 बोरी, और लैलूंगा के तोलगे में लक्ष्मण पटेल के भंडारण से 739 बोरी अवैध धान ज़ब्त किया गया।
खरीदी में तेज़ी
ज़िला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि ज़िले में अब तक कुल 64,298 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने पुष्टि की कि अवैध धान के खिलाफ की गई कार्रवाई में ज़ब्ती मात्रा के लिहाज़ से रायगढ़ प्रदेश में नंबर वन पर है।
प्रशासन की इस मुस्तैदी से जहां एक ओर बिचौलियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा है, वहीं दूसरी ओर वास्तविक किसानों को अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचने में सहूलियत हो रही है। 69 प्राथमिक सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित सभी केंद्र सुचारू रूप से चल रहे हैं।








