कोरबा में कौतूहल और आस्था का केंद्र बना दो सिर वाला बछड़ा, जन्म के कुछ देर बाद मौत; जानें क्या है ‘पॉलीसेफली’

 कोरबा में कौतूहल और आस्था का केंद्र बना दो सिर वाला बछड़ा, जन्म के कुछ देर बाद मौत; जानें क्या है ‘पॉलीसेफली’

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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कोरबा में कौतूहल और आस्था का केंद्र बना दो सिर वाला बछड़ा, जन्म के कुछ देर बाद मौत; जानें क्या है ‘पॉलीसेफली’

कोरबा, | कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र की आईबीपी बस्ती में मंगलवार शाम एक दुर्लभ घटना ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। भगवान दास के घर एक गाय ने दो सिर वाले बछड़े को जन्म दिया। हालांकि, जन्म के कुछ ही देर बाद बछड़े की मौत हो गई, लेकिन तब तक यह विचित्र जीव स्थानीय निवासियों के बीच कौतूहल और आस्था का केंद्र बन चुका था।

आस्था और कौतूहल का माहौल

खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग भगवान दास के घर इकट्ठा हो गए। कई लोगों ने इसे दैवीय चमत्कार मानकर हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेना शुरू कर दिया। स्वयं मवेशी मालिक भगवान दास ने भी दो सिर वाले बछड़े के जन्म पर आश्चर्य व्यक्त किया।

दुर्भाग्यपूर्ण अंत और अंतिम संस्कार

भगवान दास ने बताया कि बछड़े को जन्म के समय गिरने से चोट लगी थी, जिसके कारण उसकी जल्द ही मौत हो गई। बछड़े की मौत के बाद, मालिक ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ कर उसका अंतिम संस्कार किया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: पॉलीसेफली है कारण

जानकारों के अनुसार, दो सिर वाले जीवों का जन्म एक दुर्लभ जैविक स्थिति ‘पॉलीसेफली’ (Polycephaly) के कारण होता है। यह स्थिति गर्भावस्था के शुरुआती चरण में जुड़वां भ्रूणों के पूरी तरह से अलग न होने के कारण पैदा होती है, जिसका अर्थ है कि जुड़वां बनने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। यह एक प्रकार की आनुवंशिक असामान्यता या विकास संबंधी विसंगति है।

यह घटना जहां विज्ञान के लिए एक दुर्लभ मामला है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह आस्था का विषय बनी रही।