भिलाई स्टील प्लांट में ठेका श्रमिक रणजीत सिंह की मौत: प्रबंधन के खिलाफ FIR
प्राइम सी 24 न्यूज से दुर्ग संभाग ब्यूरो चीफ जावेद खान की रिपोर्ट
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भिलाई स्टील प्लांट में ठेका श्रमिक रणजीत सिंह की मौत: प्रबंधन के खिलाफ FIR
दुर्ग।भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुए एक दर्दनाक हादसे में झुलसे ठेका श्रमिक रणजीत सिंह (30) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। यह हादसा 25 अप्रैल को प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (SMS-2) के कंटीन्यूअस कॉस्टिंग शॉप में हुआ था, जिसमें चार ठेका श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए, मृतक के परिजनों और मजदूर संगठनों ने प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है।
हादसे का विवरण
जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल को सिंटरिंग प्लांट 03 में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी अचानक आग भड़क गई, जिसकी चपेट में आकर रणजीत सिंह समेत अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया, जहां रणजीत सिंह ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया।
परिजनों का प्रदर्शन और एफआईआर
मौत के बाद, रणजीत सिंह के परिजन और विभिन्न मजदूर संगठनों के सदस्य अस्पताल की मरच्यूरी के बाहर जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने मांग की कि मृतक के आश्रित को संयंत्र में स्थाई नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाए। प्रबंधन और ठेकेदार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर परिजन आक्रोशित हो गए और शव लेने से इनकार करते हुए भट्ठी थाना पहुंच गए।
सुरक्षा लापरवाही का आरोप
मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया कि यह हादसा प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण हुआ। परिजनों और यूनियनों ने प्रबंधन और ठेकेदार मारुति कंस्ट्रक्शन के अभय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर जोर दिया। पुलिस ने मामले में पहले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत अपराध दर्ज कर लिया था।
समझौता और अंतिम संस्कार
थाने में सीएसपी की मौजूदगी में संयंत्र के अधिकारियों और ठेकेदार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। लंबे मान-मनौव्वल के बाद, ठेकेदार ने तत्काल 4 लाख रुपए का चेक और अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। इसके अलावा, प्रबंधन की ओर से परिवार के एक आश्रित सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन पत्र सौंपा गया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना ने एक बार फिर भिलाई स्टील प्लांट में ठेका श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








