जानवरों से बचने के लिए फेंसिंग में करंट लगाया, खुद चपेट में आया किसान बचाने आए पत्नी-बेटे की भी मौत

 जानवरों से बचने के लिए फेंसिंग में करंट लगाया, खुद चपेट में आया किसान बचाने आए पत्नी-बेटे की भी मौत

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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जानवरों से बचने के लिए फेंसिंग में करंट लगाया, खुद चपेट में आया किसान, बचाने आई पत्नी-बेटे की भी मौत

 

 

अंबागढ़ चौकी ।राजनांदगांव में अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के ग्राम खैरी पांगरी में करंट लगने से पति-पत्नी और बेटे की मौत हो गई। घटना किसान के ब्यारे में सोमवार को देर शाम घटी, जहां जानवरों से फसल को बचाने के लिए खुले वायर में बिजली सप्लाई की गई थी। घटना के मुताबिक किसान सउत राम बोगा (62) गांव से एक किमी. दूर अपने कोठार में काम कर रहे थे। काम खत्म होने के बाद उन्होंने फेंसिंग में करंट सप्लाई बहाल की। इसी के करंट की चपेट में आकर सउत बोगा चिपक गए। मौके पर ही बेसुध हो गए।

कुछ देर तक वे घर नहीं लौटे तो उनका बेटा 27 वर्षीय रुपलाल बोगा कोठार में पहुंचा। सउत को फेंसिंग तार से चिपका देख रुपलाल ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। काफी देर तक जब दोनों घर नहीं पहुंचे तो सउत राम की पत्नी भागबती भी कोठार में आ गई। पति और बेटे को बेसुध देख उसने दोनों को उठाने का प्रयास किया और वह भी करंट की चपेट में आ गई।

इस तरह तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। सउतराम के बड़े भाई का कोठार भी पास ही है। जो शाम मंें देर से कोठार से लौट रहे थे, तभी वो सउत राम के कोठार में पहुंचे। उन्होंने तीनों को एक जगह बेसुध देखा। पास ही बिजली तार और फेंसिंग दिखे, जिससे उन्हें करंट लगने की आशंका हो गई। उन्होंने ग्रामीणों को मौके पर बुलाया। इसके बाद सभी बिजली लाइन बंद की। तीनों को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक तीनों ने दम तोड़ दिया था।

 

जंगली जानवरों से फसल को बचाने लगाते हैं करंट, इससे हो रहे हादसे

 

खैरी पांगरी वनांचल क्षेत्र का ग्राम है। जहां जंगली जानवर आते रहते हैं। खासकर जंगली सुअर और सियार फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। फसल बचाने के लिए इन हिस्सों के किसान खुले तारों में करंट का इस्तेमाल करते हैं, कई बार इसके लिए हुकिंग का भी इस्तेमाल किया जाता है।

 

इसकी वजह से इन तारों में बहने वाला करंट जानलेवा साबित हो जाता है। गंडई इलाके के मुडाटोला में भी मंगलवार शाम इसी तरह का हादसा सामने आया है। यहां ट्रांसफार्मर से अवैध कनेक्शन लेकर खेत में लगाए करंट के संपर्क में आने वाली 5 भैसों की मौत हो गई। वहीं चरवाहा बुरी तरह झुलस गया। है। मुंडाटोला में रहने वाला गजेंद्र यदु (22) भैंस चराने गया था। उसका इलाज जारी है।

 

शिकार या खेत की सुरक्षा के लिए फेंसिंग में करंट छोड़ना अपराध

 

शिकार के लिए करंट छोड़ना अपराध नहीं, हत्या का प्रयास भी माना जा सकता है। किसान खेत की सुरक्षा के नाम पर करंट लगाते हैं तो भी वह इसी दायरे में आएगा। प्रदेश में बिजली का खुला जाल बिछाने या हाई-वोल्टेज तार लगाने पर 10 हजार से 50 हजार रुपए तक तत्काल जुर्माना और कोर्ट में केस चलाया जा सकता है।

 

आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है, जो गैर जमानती होगा। मौके पर करंट का जाल मिलने पर पंचनामा, एफआईआर और जब्ती हो सकती है। विभागीय स्तर पर तार, बैटरी, जनरेटर या ट्रांसफार्मर को जब्त किया जा सकता है। कई राज्यों में अब ग्राम पंचायतों को भी रिपोर्ट करने और तत्काल कार्रवाई का अधिकार मिला है।

 

फसल को जानवरों से बचाने लगाए जाने वाले करंट का सुरक्षित डिवाइस बाजार में उपलब्ध है। इसमें अधिकतम 10 वोल्ट तक डीसी करंट रहता है। इससे इंसानों को खतरा नहीं होता। केवल झनझनाहट महसूस होती है। लेकिन हुकिंग या खुले तार से बिछाया गया करंट खतरनाक होता है। इससे जान भी जा सकती है। ऐसे हादसे असुरक्षित ढंग से करंट लगाने की वजह से होते हैं।

-एमके साहू, ईई, सीएसपीडीसीएल