एनसीसी कैडेटो के द्वारा वृक्षारोपण करने व नो प्लास्टिक का शपथ लेकर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

 एनसीसी कैडेटो के द्वारा वृक्षारोपण करने व नो प्लास्टिक का शपथ लेकर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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एनसीसी कैडेटो के द्वारा वृक्षारोपण करने व नो प्लास्टिक का शपथ लेकर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

भिलाई नगर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में प्रथम सत्र में 37 छग बटालियन एनसीसी दुर्ग के कमान अधिकारी व एडम अफसर के निर्देशानुसार आज एनसीसी कैडेटों ने वृक्षारोपण किया जिसमें एनसीसी कैडेटों द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर महाविद्यालय परिसर में फलदार व छायादार वृक्ष के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपने-अपने निवास स्थान व उसके आसपास “एक पेड़ मां के नाम” का पौधा रोपण किया।महाविद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ० विनय शर्मा प्राचार्य कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई नगर ने कैडेटों को प्रोत्साहित करते हुए कहा की हम लोगों ने व हमारी पिछली पीढ़ी ने प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ा है, अतः यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी आज के हमारी पीढ़ी के ऊपर है कि हम इस बिगड़े हुए प्रकृति के संतुलन को वापस बनाएं जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके और इसके साथ ही उन्होंने केडेटों को शपथ भी दिलाया कि “प्रत्येक कैडेट कम से कम 10 पौधे लगाएंगे व प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे” इस अवसर पर राजनीति विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ० मणीमेखला शुक्ला एवं शिक्षा विभाग से डॉ० एन० पापा राव पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहकर कैडेटों का उत्साह बढ़ाते रहे हैं।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में एनसीसी के पूर्व कैडेट सिंगराज ने मिट्टी,हवा व पानी को शुद्ध रखने बहुत ही व्यावहारिक सुझाव उदाहरण सहित समझाये। कार्यक्रम की अंतिम सत्र में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ० एच० पी० सिंग सलूजा, डॉ० अनिल पांडे व डॉ० प्रदीप जांगड़े, प्राचार्य डॉ० विनय शर्मा, एनसीसी अधिकारी ले० डॉ० हरीश कुमार कश्यप व डॉ० रविश सोनी ने भी एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ० अनिर्बन चौधरी के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया। समस्त कार्यक्रम का संचालन एनसीसी अधिकारी ले० डॉ० हरीश कुमार कश्यप ने किया जिसमें एसयूओ पुष्पेंद्र कुमार जेयूओ सोमदत्त सार्जेंट सचिन,उदित राज, हरीश मोटघरे, कैडेट रोहन , हंसराज , राजीव, अर्पित,अजय, उत्तम, सुजल, केतन, मुस्कान,अजय, मुकुल, जयप्रकाश,प्रेम, भूपेंद्र, लोकेश, गुलशन,रोमन, पुनेश,शिवम्, भावेश आदि कैडेटों ने सक्रिय योगदान किया।