दुर्ग में बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे किराए के मकान में
दुर्ग में बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे किराए के मकान में
दुर्ग : जिले के छावनी थाना क्षेत्र में एक बार फिर बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर पुलिस ने कार्रवाई की है। एसटीएफ और छावनी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कैंप-2 क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले 6-7 महीनों से फर्जी पहचान के सहारे वहां रह रहे थे, जबकि वे बीते 10-12 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के अनुसार, गिरफ्तार पुरुष ने अपना नाम मोहम्मद अली शेख बताया था, लेकिन जांच में उसकी असली पहचान मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन के रूप में सामने आई, जो बांग्लादेश के जेस्सोर जिले का निवासी है। वह वर्ष 2012 में भारत-बांग्लादेश सीमा अवैध रूप से पार कर भारत आया था। भारत में रहकर उसने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक महिला से शादी की और फर्जी नाम से भारतीय दस्तावेज बनवा लिए था
गिरफ्तार महिला ने अपना नाम साथी शेख बताया, जबकि उसकी असली पहचान साथी खातून के रूप में हुई है, जो जेस्सोर, बांग्लादेश की ही रहने वाली है। वह वर्ष 2014 में भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर चुकी थी और बीते 7-8 महीनों से कैंप-2 क्षेत्र में रह रही थी।
पुलिस ने दोनों के पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट, पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य मूल दस्तावेज बरामद किए हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, विदेशी नागरिक अधिनियम 1986, भारतीय पासपोर्ट अधिनियम 1967, और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। दुर्ग जिले में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए एसटीएफ लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।





