दुर्ग जिले में एक दूसरे के नवजात बच्चों को पाल रही थीं मुस्लिम और हिंदू महिला शबाना और साधना, इस तरह हुआ खुलासा

 दुर्ग जिले में एक दूसरे के नवजात बच्चों को पाल रही थीं मुस्लिम और हिंदू महिला शबाना और साधना,  इस तरह हुआ खुलासा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार

 

दुर्ग।बच्चा बदली होने की घटना अब तक आपने और हमने फिल्मों में ही देखी है लेकिन यकीन मानिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी बच्चा बदली हो गया और शबाना का बच्चा साधना को मिल गया तो साधना का बच्चा शबाना को आखिर कैसे हुआ यह बच्चा बदली का खेल देखिए दुर्ग से आई इस स्पेशल रिपोर्ट मे,

बच्चा बदली होने की घटना अब तक आपने और हमने फिल्मों में ही देखी है, लेकिन यकीन मानिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी बच्चा बदली हो गया. शबाना का बच्चा साधना को मिल गया तो साधना का बच्चा शबाना को… आखिर कैसे हुआ यह बच्चा बदली का खेल. देखिए दुर्ग से आई इस स्पेशल रिपोर्ट में. दुर्ग जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में स्टाफ की लापरवाही के कारण शिशु आपस में बदली हो गए. ये गंभीर मामला डिलीवरी के 8 दिन के बाद सामने आया. जब कुरैशी परिवार को संदेह हुआ और उन्होंने शिशु का जन्म के समय की तस्वीर देखने की मांग की. इसके बाद स्पष्ट हो गया कि उनका बच्चा बदली हो गया.

दरअसल यह पूरा मामला सिंह और कुरैशी परिवार से जुड़ा हुआ है. दोनों परिवारों की महिलाओं ने लगभग एक ही समय पर अस्पताल में शिशु को जन्म दिया था. अस्पताल के स्टाफ ने लापरवाही भरते हुए नवजात बच्चों को गलत परिवारों को सौंप दिया. शुरुआत में किसी को इस अदला बदली की भनक तक नहीं लगी, लेकिन 8 दिन बाद जब कृषि परिवार को संदेह हुआ और जब वीकली चेकअप के लिए अपने बच्चों को लेकर पहुंचे तब और ऐसे परिवार को संदेह हुआ और उन्होंने अस्पताल से डिलीवरी के समय की फोटो की डिमांड की. फोटो मैच की गई तो बच्चा बिल्कुल अलग था, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की गई तो उन्होंने साधना सिंह को फोन लगाया. उनसे बातचीत की तो उन्होंने बच्चा देने से इनकार कर दिया.

 

 

B और D के फेर में बदला बच्चा

पूरा मामला 21 जनवरी के दिन का है. जब शबाना और साधना दोनों ही दुर्ग के जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती हुई दोनों को ही 23 तारीख की डिलीवरी की डेट मिल गई. दोनों ही खुश थीं कि दोनों जीवन का नया अध्याय शुरू होने वाला है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका बच्चा ही बदली हो जाएगा. दोनों के नाम के फेर में बच्चा बदल गया, जिला अस्पताल में लड़का होने पर नीले रंग का बैंड हाथ में लगाया जाता है तो वहीं जॉब कार्ड के अनुसार उनका आईडी नंबर भी लिखा जाता है. उसके साथ-साथ मां का नाम और बेड नंबर भी उस टैग में लिखा जाता है लेकिन इंग्लिश में शबाना और साधना में B और D के फेर में दोनों का बच्चा ही बदल गया.

 

चेकअप कराने गए तो हुआ खुलासा

बच्चा होने के बाद दोनों अपने-अपने बच्चों को लेकर घर चले गए लेकिन जब कल देर शाम दोनों अपने बच्चों को लेकर चेकअप कराने के लिए आए तो जॉब कार्ड में कुछ और ही नंबर लिखा था. बच्चों के हाथ में जो टैग लगा था वह कुछ और ही था, जिसके बाद मानों जैसे दोनों के जीवन में भूचाल आ गया. शबाना और साधना दोनों ही अपने-अपने बच्चों को मांगने लगीं, लेकिन साधना ने बच्चा देने से मना कर दिया. वह कहने लगी कि मैंने 10 दिन तक इसे अपना दूध पिलाया है. यही मेरा बेटा है. जिसके बाद शबाना के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की है. फिलहाल इस पूरे मामले पर जांच पड़ताल की जा रही है. अब शबाना का परिवार डीएनए टेस्ट के साथ-साथ कोर्ट जाने की बात भी कह रहा है.