डॉ चरणदास के बिगड़े बोल कहा-मोदी और शाह 10 वीं पास, वे हमें क्या सिखाएंगे संविधान

 डॉ चरणदास के बिगड़े बोल कहा-मोदी और शाह 10 वीं पास, वे हमें क्या सिखाएंगे संविधान

Dr. Charan Das Mahant takes charge as Minister of State for Agriculture and Food Processing Industries, in New Delhi on July 14, 2011.

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

नेता प्रतिपक्ष डा चरण दास महंत के बयान पर एक बार फिर बवाल
कहा- दो चरण के मतदान के बाद बौरा गए हैं दोनों
विधायक प्रेमचंद ने कहा-मोदी की शिक्षा जानने महंत चुनाव आयोग की वेबसाइट देख लें

कोरबा : मतदान की तारीख जैसे- जैसे करीब आ रही है, वैसे- वैसे नेताओं के मध्य जुबानी जंग तेज होते जा रही है। एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष डा चरण दास महंत ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए उन्हें 10 वीं पास बताते हुए कहा है कि वे हमें क्या संविधान सिखाएंगे। दरअसल दो चरण के मतदान के बाद दोनों बौरा गए हैं और गृहमंत्री अंट-शंट बयान दे रहे हैं।

कोरबा लोकसभा के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नेता प्रतिपक्ष डा महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हमारे लिए चट्टे-बट्टे जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह शोभा नहीं देता। यह सड़क छाप लोगों की भाषा है। भाजपा के 400 पार के दावे को एक सिरे से खारिज करते हुए महंत ने कहा कि जिस प्रकार से पीएम मोदी का दिमाग खराब हो गया है, वह 200 के पार भी नहीं जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अंटशंट बात कर रहे है। वे बात कोरबा की कर रहे और भाषण कटघोरा में दे रहे। महंगाई और नौजवानों की बात नहीं हो रही है। डा महंत ने कहा कि कोविड वैक्सीन कोवीशील्ड लगवाने के बाद मैं खुद की सेहत में गिरावट महसूस कर रहा हूं।

हर किसी की सेहत पर इसका असर पड़ रहा है और काफी लोगों की मौत हुई है। अब समझ में आ रहा है कि यह कोराना वैक्सीन के कारण हो रहा है। रायपुर के राजीव भवन में राधिका खेड़ा विवाद को लेकर भी महंत ने कहा कि राधिका खेड़ा के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। वो सिर्फ बातों में गलतफहमी हो गई है, कोई विवाद नहीं है। इस विवाद का प्रत्याशियों के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडेय पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सभा सदस्य रहते हुए कोरबा में कभी नहीं दिखी, तो उनके साथ अब प्रचार के लिए आए हुए पिछलग्गू लोग कोई प्रभावकारी नहीं रहेंगे। सरोज, कोरबा लोकसभा की पालक सांसद भी रही थीं, पर वो खुद कभी नहीं आईं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक लेती रहीं और अब ज्योत्सना महंत को निष्क्रिय सांसद कहकर बकवास कर रही हैं।

विवादित बयान पर हो चुका है डा महंत पर एफआइआर

यहां बताना होगा कि इसके पहले भी नेता प्रतिपक्ष डा महंत प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। राजनांदगांव में उन्होंने कहा था कि हमें नरेन्द्र मोदी का मूड़ (सिर) फोड़ने वाला आदमी चाहिए। वहीं जिंदल के लिए कहा कि ऐसे लोगों को जूते मारने चाहिए। इसके बाद इसे लेकर बहुत हंगामा हुआ और महंत के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई। तब डा महंत ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलने का संकल्प मीडिया के सामने लिया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है एमए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चुनाव लड़ते हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने नामांकन के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत किया था उसमें अपनी शैक्षणिक सर्टिफिकेट के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने गुजरात बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा वर्ष 1967 में पास की। इसके बाद ग्रेजुएशन वर्ष 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से आर्ट्स में तथा वर्ष 1983 में गुजरात यूनिवर्सिटी से एमए किया है।

अपशब्द कहना कांग्रेसियों की परंपरा- पटेल

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा है कि मोदी को गाली देना, अपशब्द कहना कांग्रेसियों की परंपरा बन चुकी है। डा. चरणदास महंत ने भी इसी परंपरा का निर्वाह किया है। दरअसल वे भी चांदी का चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए हैं। बचपन से ठाठ-बाट के आदी डा. महंत यह पचा नहीं पा रहे कि एक चाय बेचने वाला कैसे देश का प्रधानमंत्री बनकर पूरी दस साल तक न केवल शासन किया बल्कि कभी देश की सबसे बड़ी पार्टी रह चुकी कांग्रेस को इस बार लोकसभा चुनाव में मुकाबले के लायक भी नहीं छोड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे मोदी जी पर अनर्गल टिप्पणी करने से बचें और पढ़े लिखे डा. महंत पहले सामंती सोच से बाहर निकलें और देखें कि प्रदेश और देश में वे और उनकी पार्टी कहां खड़ी है।

मोदी की शिक्षा जानने महंत चुनाव आयोग की वेबसाइट देख लें

मोदी की शिक्षा को लेकर महंत के बयान को दुष्प्रचार बताते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा है कि महंत की यह टिप्पणी पूरी तरह गलत है। मोदी ने बनारस में दाखिल किए अपने पर्चे में अपनी शिक्षा का पूरा विवरण दिया है। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट में उपलब्ध है, जिसे कोई भी व्यक्ति देखकर संतुष्ट हो सकता है।