छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारियों के चावल में होगी कटौती

 छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारियों के चावल में होगी कटौती

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

 

 

अम्बिकापुर. : छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार प्राथामिकता राशनकार्ड हितग्राहियों को आबंटित किए जाने वाले राशन के कोटे में डकैती डालने की तैयारिया लभलग पूरी कर ली हैं? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, छत्तीसगढ सरकार का नया राशनकार्ड ने इसी ओर इशारा कर रहा हैं। जिसको लेकर के अम्बिकापुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने विष्णुदेव सरकार पर यह आरोप लागाया हैं।

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार के समय या पुरानी व्यवस्था के अनुसार प्राथमिकता हितग्राही वाले परिवारों को न्यूनतम 35 किलो राशन देने का प्रावधान था। ऐसे परिवारों को जो पांच सदस्यों से अधिक होने पर प्रति सदस्य 7 किलो राशन दिया जाता था।

लेकिन, नए राशन कार्ड कुछ और ही इशारा कर रहा हैं। मतलब नए राशन कार्ड की ऊपर प्रधानमंत्री की फोटो लगी हैं। इसके पिछले कवर पर निर्देशों की कंडिका को देख कर मालूम होता हैं कि, राशन के न्यूनतम कोटा जो 35 किलो होता था। इसकी सीमा को समाप्त कर परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर राशन आबंटित किया जाएगा। पुरानी व्यवस्था में परिवार में सदस्यों की संख्या यदि तीन हैं, तो भी उस परिवार को भी न्यूनतम 35 किलो राशन दिया जाता था। लेकिन, नए राशन कार्ड के अनुसार परिवार के प्रति सदस्य को 5 किलो के आधार पर गणना कर राशन दिया जाएगा।

 

इसको एक उदाहरण के जरिए समझते हैं- यदि एक परिवार में पांच सदस्य हैं, तो नए राशनकार्ड में दिए गए निर्देशों के हिसाब से उसे हर महीने मात्र 25 किलो चावल प्राप्त होगा। पुराने राशनकार्ड में ऐसे सदस्य संख्या की सीमा नहीं थी। बिना सदस्यों की संख्या की गणना किए परिवार को एकमुश्त 35 किलो चावल दिया जाता था। यहीं नहीं यदि परिवार में पांच से अधिक सदस्य होने पर प्रति सदस्य सात किलो के हिसाब से राशन के चावल का कोटा बढ़ जाता था।

नई व्यवस्था के माध्यम से प्रति सदस्य 7 किलो के कोटे को घटाकर 5 किलो कर दिया गया हैं। नए राशनकार्ड के पिछले कवर की तारांकित बिंदु 3 के निर्देश प्राथमिकता हितग्राहियों के हितों पर सरकार का डाका हैं।